भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ता जा रहा है, सिंधु नदी पर डैम बनाया तो कर देंगे नष्ट, भारत को एक और गीदड़भभकी

इस्लामाबाद
भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ता जा रहा है। भारत की ओर से कड़े ऐक्शन लिए गए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को रोकना भी शामिल है। इससे पाकिस्तान में जल संकट पैदा हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से सिंधु नदी का एक भी बूंद पाकिस्तान भेजने के लिए मना किया गया है, जिससे पड़ोसी देश बौखला गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गीदड़भभकी देते हुए कहा है कि यदि भारत सिंधु नदी का पानी रोकने के लिए डैम बनाता है तो उस पर पाकिस्तान हमला करके नष्ट कर देगा।

एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भड़काऊ बयान देते हुए कहा पाकिस्तान को दिए जाने वाले सिंधु के पानी को रोकना आक्रामकता माना जाएगा। जब मंत्री से पूछा गया कि अगर भारत सिंधु बेसिन पर डैम बनाने की तैयारी करता है तो पाकिस्तान का रिएक्शन क्या होगा, इस पर पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, ''यह पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामकता होगी। हमला सिर्फ तोपों और गोलियों से ही नहीं होता, पानी को रोकना या मोड़ना भी पाकिस्तान पर हमला ही है। उन्होंने (भारत) इस तरह का कोई प्रयास किया, तो पाकिस्तान उस स्ट्रक्चर को नष्ट कर देगा।" '

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। यह हमला पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ के आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। हमले के बाद दोनों देशों में हालात बिगड़ने लगे हैं। भारत ने कई सख्त कदम उठाए हैं। बड़ी संख्या में पाकिस्तान के सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी बैन किया गया है। साथ ही, शनिवार को भारत ने पाक के लिए सभी डाक और पार्सल सेवाएं भी रोक दी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच संबंध और बिगड़ सकते हैं।

पाकिस्तान ने अब्दाली मिसाइल का परीक्षण किया
वहीं, पाकिस्तान ने शनिवार को घोषणा की कि उसने 450 किलोमीटर की दूरी तक सतह से सतह तक मार करने में सक्षम 'अब्दाली हथियार प्रणाली' का सफल परीक्षण प्रक्षेपण किया है। पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ बढ़े तनाव के बीच यह परीक्षण की है। सेना ने एक बयान में कहा, ''इस प्रक्षेपण का उद्देश्य सैनिकों की अभियानगत तत्परता सुनिश्चित करना और मिसाइल की उन्नत नौवहन प्रणाली तथा उन्नत गतिशीलता विशेषज्ञताओं सहित प्रमुख तकनीकी मापदंडों की जांच करना था।'' सेना ने अभ्यास के बारे में विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि मिसाइल प्रक्षेपण 'अभ्यास इंडस' का हिस्सा था। प्रशिक्षण प्रक्षेपण में सेना सामरिक बल कमान के कमांडर, सामरिक योजना प्रभाग, सेना सामरिक बल कमान के वरिष्ठ अधिकारी आदि मौजूद थे।

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