कगिसो रबाडा IPL 2025 छोड़कर चले गए थे, जिसकी वजह आई सामने, ड्रग टेस्ट के चलते हुए बैन

नई दिल्ली
गुजरात टाइटन्स के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा 3 अप्रैल को ही IPL 2025 छोड़कर चले गए थे, जिसकी वजह अब सामने आई है। पीटाआई की रिपोर्ट के अनुसार, रबाडा ने SA20 टूर्नामेंट के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया था। वह एमआई केपटाउन टीम का हिस्सा थे। हालांकि, यह कोई प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवा नहीं थी। कगिसो रबाडा ने एक स्टेटमेंट जारी कर इसकी पुष्टि की है।

जब कगिसो रबाडा ने भारत छोड़ा और अपने देश साउथ अफ्रीका लौटे थे तो गुजरात टाइटंस ने कहा था कि वे व्यक्तिगत कारणों से वापस गए हैं। तब उनकी वापसी को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की गई थी। अब रबाडा वापस भारत लौट आए हैं। साउथ अफ्रीका क्रिकेटर्स एसोसिएशन (SACA) द्वारा जारी बयान में रबाडा ने कहा कि वे "अस्थायी निलंबन" का सामना कर रहे हैं।

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति