नंदादेवी एक्सप्रेस ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बच्चे को जन्म

सवाई माधोपुर

कहते हैं कि जन्म और मरण किसी का जोर नहीं चलता। ऐसा ही कुछ आज सवाई माधोपुर में हुआ जब एक महिला को चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा हुई और उसने ट्रेन के टॉयलेट में ही बच्चे को जन्म दे दिया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

सवाई माधोपुर आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश बघेल के मुताबिक सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय की हम्मीर पुलिया कच्ची बस्ती निवासी कन्हैया अपनी गर्भवती पत्नी पूजा और तीन बच्चों के साथ गंगापुर सिटी से नंदादेवी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर सवाई माधोपुर लौट रहा था।

जैसे ही गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन से रवाना होकर ट्रेन ने स्पीड पकड़ी, पूजा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, उसने कन्हैया को इसकी जानकारी दी लेकिन पूजा की पीड़ा लगातार बढ़ती गई और असहनीय हो गई। इस पर पूजा ट्रेन के टॉयलेट में चली गई।

कन्हैया ने ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से मदद की गुहार लगाई। पति-पत्नी की हालत देखकर कुछ सहयात्री मदद के लिए आगे आए और तुरंत रेलवे गार्ड और जीआरपी को सूचना दी लेकिन तब तक पूजा ने ट्रेन के टॉयलेट में ही बच्चे को जन्म दे दिया।

सहयात्रियों और कन्हैया की मदद से पूजा को टॉयलेट से बाहर निकाला गया और टॉयलेट के पास ही जच्चा-बच्चा को लिटा दिया गया। इसी दौरान ट्रेन सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। यात्रियों की सूचना पर पहले से मौजूद जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा।

जैसे ही ट्रेन रुकी रेलवे अस्पताल की टीम ने मां और नवजात की जांच की और दोनों को स्वस्थ पाया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति