टेक्सटाइल सेक्टर को नई उड़ान देने विकसित हो रहा रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क

भोपाल.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निवेश और उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का प्रतिफल है कि राजधानी भोपाल में रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पार्क न केवल राज्य के टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति देगा, बल्कि मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में जो उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, उससे निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। रेडीमेड गारमेंट्स होजियरी पार्क इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा।

सतगढ़ी गांव, तहसील कोलार, भोपाल में यह औद्योगिक पार्क मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की देखरेख में विकसित किया जा रहा है। कुल 69.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस पार्क को मल्टी प्रोडक्ट पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे विविध औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी की दृष्टि से यह पार्क बेहतर स्थान पर बन रहा है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-46 से 12 किलोमीटर, राजा भोज एयरपोर्ट से 25 किलोमीटर तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भोपाल शहर से मात्र 13 किलोमीटर की दूरी होने के कारण श्रमिकों, उद्यमियों और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवागमन की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

पार्क में आधारभूत संरचना का विकास भी सुनियोजित ढंग से किया गया है। जल आपूर्ति की व्यवस्था केरवा डैम से की गई है। बिजली आपूर्ति के लिए निकटस्थ 33 केवी/11 केवी सब-स्टेशन की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। कोलार रोड से पार्क को जोड़ने के लिए 2.2 किलोमीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण भी पूर्ण किया जा चुका है, जिससे परिवहन व्यवस्था और सुदृढ़ हो गई है। इस औद्योगिक परियोजना पर कुल 1997.97 लाख रुपये की लागत संभावित है। पार्क के निर्माण से भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

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