मोदी जी के नेतृत्व की वजह से आज पूरा विश्व भारत के साथ है और दुश्मन देश थर-थर काप रहे: CM मोहन

भोपाल
 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. गृह मंत्रालय ने देश के कई राज्यों को 7 मई को व्यापक नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. सरकारी सूत्रों के अनुसार, मॉक ड्रिल के तहत महत्वपूर्ण गतिविधियां की जाएंगी. इस दौरान एयर रेड वार्निंग सायरनों का संचालन होगा. यह बड़े खतरे और दुश्मन की गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी करने से जुड़ा कदम है. 7 मई को प्रदेशों में होने वाली मॉकड्रिल को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी अपनी बात रखी है. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा?

PM ने देश का मनोबल बनाए रखा : CM

सीएम मोहन ने कहा कि "माननीय गृह मंत्री ने निर्देश किया है मॉकड्रिल होना ही है, हम सब जानते हैं जिस तरह का वातावरण बना हुआ है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा देश एकजुट है हम पूरी ताकत के साथ दुश्मनों से निपटने में सक्षम है. सेना को जिस प्रकार से प्रधानमंत्री ने छूट दी है और नए संसाधन देकर सेना को और मजबूत किया है. सरकार की व्यवस्थाओं के बलबूते पर भी देश के दुश्मनों से निपटने के लिए तैयार है. पीएम देश का भी मनोबल बनाए रख रहे हैं, देश के दुश्मनों से निपटने में हम सक्षम हैं. दुनिया हमारे साथ खड़ी हुई है."

ऐसा है MP में ड्रिल का प्लान

कल होने वाली नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि "नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल के संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं. राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश के पांच नगरों  क्रमशः इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में कल मॉकड्रिल होगी. कल शाम 4 बजे से सायरन के माध्यम से खतरे की सूचना, ब्लैकआउट, प्रमुख अधोसंरचनाओं को सुरक्षित रखने, दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने जैसी गतिविधियों की ड्रिल की जाएगी." गृह मंत्रालय के निर्देश पर 7 मई को देश भर के 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित होगी इसमें मध्यप्रदेश के पांच नगरों (इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी) में मॉक ड्रिल होगी.

इन मुद्दों पर भी रखी अपनी बात

सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र के साथ भी मध्य प्रदेश के नदी जोड़ो अभियान की होगी शुरुआत, 10 में को आयोजन होगा. इस में देवेंद्र फडणवीस शामिल हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा आगामी 10 तारीख को हमारे अपने राज्य में एक बार फिर एक और राज्य के साथ नदी जोड़ो अभियान के लिए शुरुआत हो रही है. पहले केन बेतवा हमने उत्तर प्रदेश के साथ किया है, राजस्थान के साथ हमने पार्वती काली सिंध चंबल योजना पर 20 साल से उलझे हुए मसाले का निराकरण किया और सफलतापूर्वक जल के बंटवारे का निर्णय किया.

"महाराष्ट्र के साथ हम नदी जोड़ो शुरू कर रहे हैं, यह निमाड़ इलाके के लिए बहुत बड़ा वरदान साबित होगी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश आ रहे हैं, ताप्ती नदी के पानी के लिए  महाराष्ट्र का और हमारा MOU होगा जिसके माध्यम से महाराष्ट्र मध्य प्रदेश और गुजरात भी लाभान्वित होगा. एकमात्र राज्य मध्य प्रदेश रहेगा जो तीन-तीन राज्यों के साथ तीन राज्यों के जल का निराकरण करेगा."

परीक्षाओं के परिणाम को लेकर सीएम ने कहा कि "मैं अपनी ओर से इस परीक्षा परिणाम के लिए बच्चों और अभिभावकों को बधाई देना चाहूंगा इस बार के जो परीक्षा परिणाम में बदलाव आया. इस बदलाव के लिए भी बताया गया कि एकेडमिक कार्य को प्राथमिकता दी गई सीधा संवाद सभी लेवल पर किया गया. टीचर्स को भी प्रेरित किया गया सभी विश्लेषण करते हुए यह एग्जाम आयोजित हुए हैं. पढ़ाई के दिनों में दायरा बढ़ाकर कठिन से कठिन समय शिक्षकों द्वारा पढ़ाने पर ध्यान दिया गया है. 16000 अतिशेष शिक्षकों की युक्तियुक्त कारण से रेगुलर शिक्षक बच्चों को मिले, अन्य कामों में जहां शिक्षक लगे हुए थे उनको वहां से हटाकर हमने शिक्षा के काम में लगाया यह बहुत खास रहा.

सांदीपनि विद्यालय से योग्य वातावरण मिलेगा

सीएम ने कहा कि सभी बच्चों को योग्य वातावरण मिले ठीक से पढ़ाई हो इसलिए आने वाले समय में सांदीपनि विद्यालय के माध्यम से हम बहुउद्देशीय शिक्षण स्थापित करेंगे. सभी प्रकार के सुविधा देंगे. बच्चों के व्यक्तिगत प्रतिभाओं को निखारने के लिए कई तरह के कोर्स शुरू कर रहे हैं. प्राइवेट स्कूल में जिसका मन है पढ़ना चाहिए लेकिन सरकारी विद्यालय भी किसी से काम नहीं है. यह रिजल्ट बता रहे हैं सरकार अपने संसाधनों के बलबूते पर काम कर रही है और यह रिजल्ट का आंकड़ा बता रहा है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा भी उसी प्रकार से निकाल कर आती है. जैसे प्राइवेट में पढ़ाई होती है बच्चा सबको प्यार है मां-बाप जैसे चाहे वैसे पढ़ सकते हैं, लेकिन अब वह देख सकते हैं कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा कितनी बेहतर हो चुकी है.

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