पाकिस्तान का चीनी फाइटर जेट JF-17 को भारतीय सेना ने मार गिराया, बठिंडा में भी पाकिस्तानी जेट क्रैश

कश्मीर

भारत की एयर डिफेंस ने कश्मीर में पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया है, जो कि चीनी JF-17 लड़ाकू विमान है. यह एक हल्का, एकल इंजन वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है. JF-17 थंडर का पहला प्रोटोटाइप 2003 में उड़ान भर चुका है और यह पाकिस्तान एयर फोर्स का मुख्य लड़ाकू विमान माना जाता है.

क्या है इस विमान की खासियत
JF-17 की कुल लंबाई लगभग 14.9 मीटर, पंखों की चौड़ाई 9.45 मीटर और ऊँचाई लगभग 4.77 मीटर है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 12,474 किलोग्राम तक पहुँच सकता है. यह विमान रूसी Klimov RD-93 या चीनी Guizhou WS-13 टर्बोफैन इंजन से सुसज्जित है, जो इसे लगभग Mach 1.6 (लगभग 1,910 किमी/घंटा) की अधिकतम गति प्रदान करता है.

यह विमान 7 हार्डपॉइंट्स पर 1,500 किलोग्राम तक के विभिन्न प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है, जिसमें एयर-टू-एयर मिसाइलें, एयर-टू-ग्राउंड बम, और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल हैं. इसके शस्त्रागार में चीनी PL-5, PL-12, PL-15 मिसाइलें और GPS गाइडेड बम शामिल हैं, जो इसे वायु और सतह दोनों प्रकार के लक्ष्यों पर प्रभावी ढंग से हमला करने की क्षमता प्रदान करते हैं.

JF-17 में अत्याधुनिक एवियोनिक्स, कंप्यूटराइज्ड फ्लाइट कंट्रोल, हेड-अप डिस्प्ले, डेटा लिंक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल हैं, जो इसे उच्च युद्ध क्षमता प्रदान करते हैं. यह विमान मध्यम से कम ऊंचाई पर बेहतर मुकाबला करने में सक्षम है और इसकी रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर है, जिससे यह लंबी दूरी की लड़ाइयों के लिए उपयुक्त बनता है.

भारत की एयर डिफेंस की सफलता और बढ़ता तनाव
भारत की एयर डिफेंस प्रणाली द्वारा पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट को गिराने की घटना से दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य संकट और भी गहरा हो सकता है. यह न केवल भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का प्रदर्शन है, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संकेत भी है कि भारत किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को गंभीरता से लेगा. इस महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय वायुसेना की ताकत तकनीकी रूप से उन्नत विमानों को भी नाकाम कर सकती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और जटिल हो गई है.

रात्रि में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 7 मई को लगभग एक बजे ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ किया गया. पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई इस एयर स्ट्राइक में आतंकियों के 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया गया.

पाकिस्तानी सेना ने 6-7 मई की रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की, जिसमें 10 भारतीय नागरिकों की जान चली गई. इस हमले में एक महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा, 38 लोग घायल हुए हैं, जो इस अंधाधुंध शेलिंग का शिकार बने.

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