फर्जी डॉक्टर नरेंद्र फिर भेजा गया दमोह जेल, पूछताछ के लिए बिलासपुर ले गई थी पुलिस

दमोह

दमोह मिशन अस्पताल में सात मौत के आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन कैम को छत्तीसगढ़ से वापस दमोह जेल लाया गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल के गलत इलाज से हुई मौत का आरोप भी डॉ. कैम पर लगा था, जिसे बिलासपुर पुलिस चार दिन की रिमांड पर दमोह से अपने साथ लेकर गई थी। वहां से पूछताछ के बाद उसे वापस दमोह लाया गया और जिला जेल भेज दिया गया। हालांकि, डॉक्टर का हर बार यही जवाब है कि उसे न्यायालय पर भरोसा है।

बता दें कि मिशन अस्पताल में सात मौत के आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव को जब पुलिस प्रयागराज से गिरफ्तार कर लाई थी। उसके बाद उसे दस दिन की रिमांड पर दमोह पुलिस ने लिया था। लगातार पूछताछ के बाद डॉक्टर से कई अहम सुराग लगे थे। इसी बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल की मौत का मामला भी सामने आया था। परिजनों ने बताया था कि 2006 में इसी डॉक्टर के इलाज से शुक्ला की मौत हुई थी, जिसके बाद बिलासपुर के सरकंडा थाने में आरोपी डॉक्टर यादव पर मामला दर्ज हुआ था।

इधर, दस दिन की रिमांड खत्म होने के बाद डॉक्टर नरेंद्र को एक मई तक जेल भेज दिया गया था। दोबारा न्यायालय आने पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोपी को साथ ले जाने चार दिन की रिमांड ली थी और डॉक्टर को बिलासपुर ले जाया गया था। जहां से पूछताछ के बाद चार दिन की रिमांड खत्म होने पर बिलासपुर से वापस दमोह लाया गया। दमोह पहुंचने पर उसे जेल भेजा गया, अब उसे 14 मई को फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा।

बंद हो गया मिशन अस्पताल
डॉक्टर के इलाज से हुई सात मौत के मामले के बाद प्रशासन से मिशन अस्पताल के कैथ लैब सील करने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया था। उसके बाद अस्पताल बंद हो गया, यहां अब मरीजों का कोई इलाज नहीं किया जाता।

 

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