सभी विश्वविद्यालय, रिक्त पदों की पूर्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल

उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में मंत्रि-परिषद के निर्णय के परिपालन में गठित "विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के संबंध में गठित समिति" एवं "विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पेंशन आदि के लिए गठित समिति" की बैठक लेकर विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की।

"विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के संबंध में गठित समिति" ने विश्वविद्यालय की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ करने एवं अन्य बिंदुओं पर गहन विचार विमर्श कर, अनुशंसाओं के अंतिम प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण किया। परमार ने कहा कि समिति द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन में निहित अनुशंसाओं पर, विभागीय परीक्षण उपरांत प्रभावी क्रियान्वयन का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में "विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पदोन्नति, पेंशन आदि के लिए गठित समिति" ने, महाविद्यालयों की तरह विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पदोन्नति, पेंशन आदि से जुड़े विविध विषयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मापदंडों के अनुसार एकरूपता रखी जाने को लेकर व्यापक चिंतन-मंथन कर, अंतिम प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण किया गया। मंत्री परमार ने प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन के विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाना, सम्पूर्ण देश का प्रण है। शिक्षा के माध्यम से ही देश को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाया जा सकता है। इसके लिए विश्वविद्यालयों को सशक्त एवं सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा को उत्तरोत्तर बेहतर बनाने के लिए, विश्वविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वायत्त आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए आदर्श रेवेन्यू मॉडल तैयार करें। निधि का, लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के लिए निवेश करने की कार्ययोजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई।

परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय रिक्त पदों पर भर्ती एवं नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को रिक्त पदों में, नियमानुरूप एवं समस्त आवश्यक मापदंडों एवं मानकों का पालन करते हुए यथाशीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, "विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के संबंध में गठित समिति" के अध्यक्ष प्रो. आर.पी. तिवारी, कुलपति, पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं "विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पेंशन आदि के लिए गठित समिति" के अध्यक्ष और महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. भरत मिश्रा सहित 11 सदस्यीय उक्त दोनों समितियों के विभिन्न सदस्य कुलगुरुगण, उनके प्रतिनिधि एवं समन्वय अधिकारी उच्च शिक्षा अनिल पाठक उपस्थित रहे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति