भारत ने कूटनीतिक और सैन्य दबाव के साथ ‘जल प्रहार’ करते हुए चिनाब नदी पर बने सलाल डैम के पांच गेट खोल दिए

श्रीनगर

पहलगाम आतंकी हमले और भारत के जवाबी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं. अब यह टकराव सैन्य मोर्चे के साथ अन्य क्षेत्रों में भी दिख रहा है. आज शनिवार सुबह जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने सलाल डैम के 5 गेट खोल दिए गए, जिससे पाकिस्तान की ओर पानी का बहाव तेज हो गया है.

एजेंसी के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच चुका है. आतंकवादियों द्वारा पहलगाम में किए गए हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल अटैक किए. इस जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में बौखलाहट देखी जा रही है.

इसी बीच आज शनिवार सुबह 6:15 बजे जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने सलाल डैम के 5 गेट खोले गए. इससे पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी का प्रवाह एकदम तेज हो गया है. इससे पहले भारत ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के बहाव को रोकने के लिए सलाल और बगलिहार डैम के गेट बंद कर दिए थे, जिससे पाकिस्तान में चिनाब का जलस्तर घटकर 2-3 फीट तक पहुंच गया था. अब भारी बारिश और डैम का जलस्तर अधिक हो जाने के बाद गेट खोल दिए गए हैं.

जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि भारत अब सिंधु जल संधि को लेकर भी कठोर निर्णय ले सकता है. बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसमें भारत को सतलुज, रावी और ब्यास नदियों पर अधिकार मिला था, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का अधिकार पाकिस्तान को दिया गया. यह संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए भारत इस संधि की समीक्षा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

वहीं, पाकिस्तान ने भी भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल हैं. हालांकि, भारतीय सेना की तैयारियों और एयर डिफेंस सिस्टम की मुस्तैदी से ये सभी हमले विफल कर दिए गए.

 

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