महादेवगढ़ मंदिर पर कोटा की सिमरन अंसारी सनातन धर्म अपनाकर सिंदूर बन गई

खंडवा

खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर एक बार फिर अनोखे विवाह का गवाह बना है। अपने प्रेम के लिए युवती ने अपने धर्म का त्याग कर हिन्दू समाज के युवक से शादी की। हिंदू रीति रिवाज से भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर एक दूसरे का हाथ थामा है। महादेवगढ़ मंदिर पर कोटा की सिमरन अंसारी सनातन धर्म अपनाकर सिंदूर बन गई।

पापी पाकिस्तान शीघ्र समाप्त हो
बता दें कि महादेवगढ़ मंदिर में  कोटा की सिमरन अंसारी ने प्रकाश सुमन से सनातन धर्म अपनाकर विवाह किया और सिंदूर नाम रख लिया। उसने बताया कि पहलगाम हमले के बाद सनातन में प्रवेश करने और नाम सिंदूर रखने का निर्णय लिया था। सिंदूर ने बताया, अपनी मर्जी से विवाह कर नाम सिंदूर रखा है। पापी पाकिस्तान शीघ्र समाप्त हो, इसके लिए भी आहुतियां दीं।

निषात बनी मेघना तो अमरीन कहलाएगी अनुष्का
सिमरन से पहले भी दो युवतियों ने अपने धर्म का त्याग कर हिन्दू समाज के दो युवकों से शादी की। सोमवार को महादेवगढ़ मंदिर पर छत्तीसगढ़ की निषात शेख सनातन धर्म अपनाकर मेघना बन गई। मेघना ने छत्तीसगढ़ के ही कमलजीत सिंह मेहरा से सनातन पद्धति से विवाह किया। साथ ही जसवाड़ी बेड़िया की अमरीन खान ने भी हिंदू धर्म अपनाकर अनुष्का बन सनातन पद्धति से शुभम राजपूत तलवाडिया से विवाह किया। मंदिर में पंडित राजेश पाराशर द्वारा सनातन वैदिक पद्धति से दोनों जोड़ों का विवाह करवाया है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति