नई नवेली दुल्हनहाथों की मेंहदी देखती रही, शादी की रस्में छोड़ जवान पहुंचा सरहद

राजगढ़
दूल्हा-दुल्हन दोनों के हाथों की मेंहदी अभी छूटी नहीं थी. गुरुवार को वरमाला हुई और शुक्रवार को ही शादी के बाद होने वाली रस्में छोड़ जवान देश सेवा के लिए रवाना हो गया. भारतीय वायुसेना के जवान मोहित राठौर की छुट्टी कैंसिल होते ही उन्हें शनिवार को नौकरी ज्वाइन करने का आदेश मिला था. मोहित का कहना है कि शादी हो गई, अब देश सेवा का मौका मिला तो यह शादी से भी बढ़कर है.

बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में भारत द्वारा पाकिस्तान पर कार्रवाई की गई थी. जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं. पाकिस्तान द्वारा सीमा से लगे भारत के शहरों को निशाना बनाया जा रहा है और रिहायशी इलाकों पर लगातार गोला बारूद से हमले किए जा रहे हैं. जिसके जवाब में भारत द्वारा भी कार्रवाई की जा रही है. भारत सरकार और सेना अलर्ट पर है. युद्ध की स्थिति को देखते हुए सेना के जवानों की छुट्टियों निरस्त कर दी गई हैं. जवानों को नौकरी पर वापस बुला लिया गया है.

शादी के लिए 2 दिन के लिए मिली मोहलत

मध्य प्रदेश के राजगढ़ के रहने वाले वायुसेना के जवान मोहित राठौर अपनी शादी के लिए छुट्टी पर आए हुए थे. वे 17 अप्रैल से 15 मई तक अवकाश पर थे, लेकिन भारत पाक तनाव के चलते उनकी छुट्टियां बुधवार को निरस्त हुई और उन्हें शुक्रवार तक नौकरी वापस ज्वाइन करने के लिए कहा गया. तब उन्होंने गुरुवार को होने वाली अपनी शादी के बारे में बताया, तो उन्हें शनिवार तक ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश मिला.

शादी के तुरंत बाद ड्यूटी पर निकले

कुरावर निवासी मोहित 6 साल पहले एयरफोर्स में भर्ती हुए थे. वे दिल्ली के पास स्थित ईसापुर एयरफोर्स स्टेशन में पदस्थ हैं. मोहित राठौर की शादी लसूड़लिया रामनाथ निवासी गोपाल राठौर की पुत्री वंदना से तय हुई थी. जिसके साथ उन्होंने गुरुवार यानि 8 मई को सात फेरे लिए और दुल्हन की विदाई कराकर घर पहुंचे. शुक्रवार को उन्होंने तुरंत अपनी रवानगी की तैयारी शुरू कर दी क्योंकि हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के कारण सभी की छुट्टी कैंसल की दी गई है.

हमारे लिए सबसे पहले देश: ससुर

मोहित राठौर के ससुर गोपाल राठौर का कहना है,"मुझे गर्व है कि मेरा दामाद शादी के तुरंत बाद देश की रक्षा के लिए जा रहा है. हमारे लिए देश सबसे पहले है और हमने शादी हो जाने तक यह बात बेटी को नहीं बताने का निर्णय लिया था. वहीं मोहित के माता पिता भी इस बात से खुश है कि उनका बेटा देश की सेवा के लिए वापस लौट रहा है. उन्होंने प्रार्थना की है कि देश और बेटा दोनों सुरक्षित रहे."

भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात

बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से पूरा देश गुस्से में था. आतंकवाद और पाकिस्तान को सबक सिखाए जाने की मांग लगातार की जा रही थी. 7 मई को भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. ऐसे में देश की अलग अलग सेनाओं में कार्य करने वाले सैनिकों की छुट्टियां निरस्त कर उन्हें वापस बुलाया लिया गया है. जिसमें राजगढ़ जिले का मोहित राठौर भी शामिल है.

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