मुख्यमंत्री साय ने महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाज़ार-भाटापारा जिले के अधिकारियों की बैठक ली

रायपुर

सुशासन तिहार के तीसरे चरण में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विभिन्न जिलों के गांवों का आकस्मिक निरीक्षण और समाधान शिविरों का दौर जारी है जहाँ आवेदनों के निराकरण की स्थिति से अवगत होकर वे समीक्षा बैठक भी ले रहे हैं। आज इसी कड़ी में मुख्यमंत्री साय ने महासमुंद जिला मुख्यालय में महासमुंद, गरियाबंद और बलौदा बाज़ार के कलेक्टर-एसपी, डीएफओ सहित अन्य अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों और उन के निराकरण की स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की इन जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ज़ोर दिया कि ज़िलों में आमजनों के हित को सर्वाेपरि रख कलेक्टर-एसपी नियमित भ्रमण कर उनकी समस्याओं का निराकरण करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ जन संवाद को मजबूत करना है। हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा जनता के दुख दर्द को कम करने जनता तक पहुंचने को कहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और विनम्रता के साथ लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का निराकरण करें और अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि  समीक्षा बैठकों में यह स्पष्ट हुआ है कि जो अधिकारी क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहते हैं, उन्हें जनसमस्याओं की गहरी समझ रहती है। एक  सफल अधिकारी वही होता है, जो पहल करता है, संवाद करता है और समाधान तक पहुँचता है।

मुख्यमंत्री साय ने गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजन को पेयजल की सुलभ एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि मार्च 2026 तक तीन साल से अधिक लंबित सभी राजस्व प्रकरणों का निपटारा सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महत्वपूर्ण  योजना है। लोगों को पक्का आवास देने की इस योजना के क्रियान्वयन में कोई कोताही ना बरती जाये। बैठक में मुख्यमंत्री ने  अधोसंरचना निर्माण कार्यों में आने वाली दिक्कतों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे जिलों को जहाँ 10-12 वीं बोर्ड के नतीजे संतोषजनक नहीं आए हैं वहाँ ज़्यादा बेहतर नतीजे लाने पर ध्यान देने कहा ।
    
बैठक में सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी, प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, राजिम विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस, रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति