भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में भारी तबाही, भारत का पलड़ा भारी

नई दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले तेज सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम ने फिलहाल दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों को एक व्यापक युद्ध की कगार से पीछे खींच लिया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा 7 मई को आतंकियों के खिलाफ शुरू किए गए जवाबी हमलों के बाद दोनों देशों के बीच मिसाइल, ड्रोन, लड़ाकू विमानों और आर्टिलरी के जरिये बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई हुई। हालांकि एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम उल्लंघन की खबरें आ रही हैं, लेकिन कागजी तौर पर यह समझौता तनाव को थामने में सफल रहा है।

रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की आतंकवादी संरचनाओं, वायुसेना ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों को गहरे झटके दिए हैं। वहीं पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई को भारतीय सेना ने बड़ी हद तक निष्फल कर दिया।
पाकिस्तान को भारी नुकसान

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को तड़के हुई थी। भारत ने 26 मिनट के भीतर पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर लगभग 100 आतंकियों को मार गिराया। ये शिविर खुफिया सूचनाओं के आधार पर चुने गए थे, जो कई वर्षों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने में सक्रिय थे।

इनमें से 5 ठिकाने एलओसी से 9 से 30 किलोमीटर भीतर PoK में थे, जबकि बाकी 6 से 100 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के भीतर स्थित थे। हमलों में राफेल लड़ाकू विमानों से लॉन्च किए गए स्कैल्प क्रूज मिसाइल, हैमर स्मार्ट हथियार, M777 हॉवित्जर से दागे गए एक्सकैलिबर गोला और कामिकाजे ड्रोन (लोइटरिंग म्यूनिशन) शामिल थे।

पाकिस्तान के एयर डिफेंस को भारी क्षति
पाकिस्तान ने जवाब में उत्तर और पश्चिम भारत के 15 शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइलों और ड्रोन हमलों को विफल कर दिया। इसके बाद भारत ने लाहौर और कराची समेत कई स्थानों पर पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणालियों को तबाह कर दिया। भारतीय सेना ने इन हमलों के दौरान S-400, आकाश और बराक-8 वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों के अलावा अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया। रडार और कमांड सेंटर की नेटवर्क प्रणाली से खतरों की पहचान कर त्वरित प्रतिक्रिया दी गई।

10 मई की रात सबसे भीषण हमला
सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान को 10 मई की रात झेलना पड़ा जब भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरिद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर, चूनियां, पसरूर और सियालकोट में आठ सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ये हमले रातभर चले और इनमें पाकिस्तान की रडार इकाइयों, गोला-बारूद भंडार, कमांड सेंटर्स और तकनीकी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।

पाक सेना की जवाबी कोशिशें बेकार
8-9 मई की रात पाकिस्तान ने 300-400 तुर्की निर्मित 'सोंगर' सशस्त्र ड्रोन से भारत के 36 स्थानों पर हमला करने की कोशिश की, जिसमें लद्दाख से लेकर गुजरात के सिर क्रीक तक के ठिकाने शामिल थे। लेकिन अधिकतर ड्रोन भारतीय सेना द्वारा मार गिराए गए। इसके बाद अगले दिन पाकिस्तान ने 26 और ठिकानों पर ड्रोन हमले किए, जिन्हें भारत ने अपने एयर डिफेंस से निष्फल किया।
पाक की सैन्य क्षमता को करारा झटका

भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, “स्कर्दू, सर्गोधा, जैकोबाबाद और भोलेरी जैसे महत्वपूर्ण एयरबेसों को भारी नुकसान पहुंचा है। रडार और वायु रक्षा हथियारों की क्षति से पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है।” उन्होंने कहा कि एलओसी के पार भी सैन्य ढांचे, लॉजिस्टिक्स और नियंत्रण केंद्रों को सटीक तरीके से निशाना बनाया गया, जिससे पाकिस्तान की न तो रक्षा और न ही आक्रामक क्षमताएं प्रभावी रह गईं।

 

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