ब्रह्मोस मिसाइल का पहला युद्ध उपयोग, ऑपरेशन सिंदूर से बेदम पाकिस्तान, कितना नुकसान

नई दिल्ली
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सशस्त्र सेनाओं ने पाकिस्तान के कई प्रमुख सैन्य अड्डों पर सटीक और योजनाबद्ध तरीके से हमले किए। इन हमलों में अत्याधुनिक मिसाइलों और आधुनिक गाइडेड हथियारों का उपयोग किया गया, जिसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, SCALP एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल और HAMMER गाइडेड म्यूनिशन जैसे हथियार शामिल बताए जा रहे हैं।

भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों से लॉन्च किए गए ये हथियार पाकिस्तानी वायुसेना के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे कि रफीकी (झंग), मुरिद (चक्कवाल), नूर खान (चकलाला, रावलपिंडी), रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनीयां (कसूर) को निशाना बनाया गया। स्कर्दू, भोलारी, जैकबाबाद और सरगोधा के एयरबेस को भी गंभीर क्षति पहुंची है। वहीं, पस्रूर और सियालकोट में रडार ठिकानों को भी सटीक हथियारों से ध्वस्त किया गया।

ब्रह्मोस मिसाइल का पहला युद्ध उपयोग
भारत की ओर से ब्रह्मोस मिसाइल के उपयोग की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि यह इस क्रूज मिसाइल की पहली युद्ध उपयोगिता हो सकती है। यह मिसाइल भारतीय वायुसेना और नौसेना के सबसे खतरनाक हथियारों में से एक मानी जाती है।

भारतीय सेना ने केवल सैन्य और तकनीकी ठिकानों को ही निशाना बनाया जैसे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रडार स्टेशन, यूएवी बेस और हथियार भंडार स्थल। मुरिद एयरबेस पाकिस्तानी ड्रोन और यूएवी गतिविधियों का मुख्य केंद्र है, वहीं रफीकी बेस में उन्नत फाइटर स्क्वॉड्रन तैनात हैं। चकलाला स्थित नूर खान बेस में पाकिस्तानी वायुसेना की भारी परिवहन क्षमता और ईंधन भरने वाले विमानों की तैनाती है।

पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश नाकाम
भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तान ने श्रीनगर से लेकर नलिया तक 26 से अधिक स्थानों पर हवाई घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय वायुसेना ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि "हमने सभी घुसपैठ प्रयासों को निष्क्रिय किया। हालांकि उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज में कुछ उपकरणों और जवानों को सीमित क्षति पहुंची है।" कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि "पाकिस्तान ने श्रीनगर, अवंतीपुर और उधमपुर एयरबेस पर मौजूद स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल परिसर को भी निशाना बनाया, जो स्पष्ट रूप से नागरिक ढांचे पर हमला है।"

 

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