बेटे ने झूठी वसीयत बनाकर हड़पी संपत्ति, पूर्व न्यायाधीश की पत्नी ने न्याय पालिका से लगाई इंसाफ की गुहार

 

 जयपुर

मदर्स डे पर जब पूरा देश मां के त्याग और ममता को नमन कर रहा था, उसी दिन जयपुर की 81 वर्षीय बुजुर्ग मां हरबीर कौर ने अपने बेटे की बेरहमी और धोखे की कहानी दुनिया के सामने रखी। पूर्व न्यायाधीश की पत्नी हरबीर कौर ने अपने बेटे मुनिंद्र सिंह पर झूठी वसीयत बनाकर संपत्ति हड़पने, गाली-गलौज और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटा उन्हें और उनकी बेटी पूनम सिंह को जबरन घर से निकालना चाहता है।

हरबीर कौर ने वर्ष 2023 में सोडाला थाने में (प्रकरण संख्या 175/23) इस संबंध में एक मामला दर्ज कराया था, जिसमें वर्ष 2000 और 2003 की दो फर्जी वसीयतों का जिक्र है। अदालत ने एफएसएल जांच के आदेश भी दिए मगर पुलिस ने न तो जांच शुरू की, न ही रिपोर्ट अदालत में पेश की। परिवार का आरोप है कि सोडाला थाना पुलिस इस मामले में लगातार हीलहवाल कर रही है और बार-बार फाइनल रिपोर्ट लगाने का दबाव बना रही है। पूनम सिंह ने बताया कि उन्होंने फोटो, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों सहित तमाम सबूत पुलिस को सौंपे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

परिवार ने राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत की थी, जहां से जांच रिपोर्ट जयपुर पुलिस कमिश्नर को भेजी गई लेकिन दो महीने बाद भी उस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है? पीड़ित परिवार का कहना है कि जब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, तब एफआर लगाने का कोई वैधानिक या नैतिक तुक नहीं बनता। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि सोडाला थाना और उसके कुछ वरिष्ठ अधिकारी जान-बूझकर मामले को कमजोर कर रहे हैं।

पूनम सिंह ने मीडिया को बताया कि 3 नवंबर 2023 को मुनिंद्र सिंह और उसकी पत्नी रेनू सिंह ने उनके और उनकी मां के साथ मारपीट की। इसके साथ ही रेनू सिंह ने धमकी दी कि तुझे काटकर गंगा में बहा देंगे। पुलिस ने इस गंभीर घटना पर भी पहले सिर्फ साधारण रिपोर्ट बनाई और एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। बाद में अदालत के आदेश पर मामला (FIR संख्या 0447/23) दर्ज किया गया।

माँ की पुकार: अब तो इंसाफ दिलाओ
हरबीर कौर और पूनम सिंह ने प्रशासन और न्याय पालिका से अपील की है कि आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई हो। हरबीर कौर ने कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, हम चुप नहीं बैठेंगे। यह सिर्फ मेरा नहीं, उन सभी मांओं का सवाल है, जो अपनों के हाथों ठगी जाती हैं।

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