एक हफ्ते बाद भी पाक सैनिक अस्पतालों में भर्ती, दुख बांटने पहुंचे आसिम मुनीर और CM मरियम

नई दिल्ली
भारत के ऑपरेशन सिंदूर का ऐसा असर हुआ है कि एक हफ्ते बाद भी पाक सैनिक अस्पतालों में भर्ती हैं। घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। भारतीय एयरफोर्स की सटीक बमबारी ने न सिर्फ आतंकियों का सफाया किया, पाकिस्तान की सैन्य कमर तोड़ दी—झटका इतना जबरदस्त था कि अब तक घायल अफसर और जवान अस्पतालों में कराह रहे हैं।

पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने घायल सैनिकों का हालचाल लेने के लिए अस्पताल का दौरा किया। पाकिस्तान सेना के जवानों को देखने पहुंची मरियम नवाज घायलों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें ढाढस बांधते नजर आई। उधर, मुनीर ने भी रावलपिंडी में मीलिट्री अस्पतालों का रुख किया और घायल जवानों से मुलाकात की।

इन तस्वीरों ये यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय सेना की सटीक रणनीति ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। साथ ही पाकिस्तान के उन दावों की भी पोल खुल गई कि भारतीय सैनिकों के हमले पाकिस्तान और सैनिकों पर ज्यादा वार नहीं कर पाए।

पाक के 40 से ज्यादा जवान अफसर मारे गए
भारतीय सेना प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट कर चुकी है कि सेना ने पाकिस्तान की दुर्दशा की है। सेना ने बताया कि हमारा लक्ष्य आतंकी ठिकाने और आतंकवादी ही थे, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों ने इसे अपनी लडा़ई समझा और हम पर हमलों की नाकाम कोशिश की। इसके जवाब में हमारे वीर जवानों ने उनके सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। कई एयरबेस उड़ा दिए और हमले में पाक के 40 से अधिक जवान और अफसर मारे गए।

आतंक के खिलाफ कड़ा प्रहार
भारतीय सैन्य अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को सटीकता और तत्परता से पूरा किया, जिससे पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आतंकवादियों के खिलाफ भी सख्त संदेश दिया। पीएम मोदी ने भी 12 मई को राष्ट्र के नाम संबोधन में स्पष्ट किया कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने दो टूूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के साथ अब सिर्फ आतंकवाद पर ही बात होगी। साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुनीर की गीदड़भभकी
आसिम मुनीर ने अस्पताल में घायल जवानों से मुलाकात के बाद एक बार फिर गीदड़भभकी दी है। मुनीर ने कहा कि ‘हमारे दुश्मन कभी भी हमें झुका नहीं सकते। हमारी सेना के हौसले बुलंद हैं और हम दुश्मन का सामना करने के लिए हमेशा तैयार हैं।’

 

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