बच्‍चों के लिए आर्थिक लेनदेन और बैंक अकाउंट खाेलने के लिए बनवाएं पैन कार्ड

नई दिल्ली

पैन कार्ड को लेकर बहुत से लोग यह सोचते हैं कि बड़े होने पर नौकरी लगने के बाद इसकी ज्‍यादा जरूरत पड़ती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बच्‍चों का पैन कार्ड भी बनाया जाता है। उसे माइनर पैन कार्ड कहते हैं जिसे 18 साल से कम उम्र के बच्‍चों और किशोरों के लिए जारी किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका इस्‍तेमाल मुख्‍य तौर पर आर्थिक लेनदेन के लिए, बच्‍चों का बैंक अकाउंट खाेलने के लिए या फ‍िर उनके नाम पर कोई इन्‍वेस्‍टमेंट करने के लिए किया जाता है। बच्‍चों के पैनकार्ड में कोई फोटो नहीं होती। साइन भी नहीं किए जाते हैं। बच्‍चा जब 18 साल की उम्र पूरी कर लेता है, तो उसी पैन कार्ड को अपग्रेड किया जाता है। अगर आप अपने बच्‍चे का पैन कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो यह काम ऑनलाइन किया जा सकता है। हम इसका तरीका बता रहे हैं।

बच्‍चे का पैन कार्ड ऑनलाइन कैसे बनवाएं
अगर आप अपने बच्‍चे का पैन कार्ड ऑनलाइन बनवाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्‍टेप्‍स को फॉलो करें। अपने फोन या लैपटॉप में Google पर जाकर NSDL की वेबसाइट ढूंढें। सिलेक्‍ट ऐप्‍लिकेशन कैटिगरी में जाकर इंडिविजुअल का ऑप्‍शन चुनना है। इसके बाद बच्‍चे का पूरा नाम, जन्‍मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी है। कैप्‍चा कोड डालकर डिटेल सबमिट करनी होंगी। डिटेल सबमिट होने के बाद आपके पास एक टोकन नंबर आएगा। उसके बाद आपको 'continue with PAN application form' पर क्लिक करना है। फ‍िर आधार डिटेल्‍स को लिंक करना है। साथ ही पैरंट्स की डिटेल, आय की जानकारी देनी है और मांगे गए डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने हैं। आखिर में जरूरी फीस का भुगतान करना है, जिसके बाद अगले 15 दिनों में पैन कार्ड आपके अड्रेस पर डिलिवर कर दिया जाएगा। पैनकार्ड तैयार होने के बाद उसे डाउनलोड भी किया जा सकता है। यहां ध्‍यान देने वाली बात है कि पूरा प्रोसेस पैरंट्स की निगरानी में होता है, क्‍योंकि बच्‍चा पैन कार्ड के लिए अप्‍लाई नहीं कर सकता।

इन कागजों की होती है जरूरत
बच्‍चे का पैन कार्ड बनवाने के लिए मुख्‍य तौर पर उसका आइडेंटिटी प्रूफ, ऐज प्रूफ और अड्रेस प्रूफ चाहिए होता है। आइडेंटिटी प्रूफ में आधार कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड आदि शामिल होते हैं। आधार कार्ड सबसे कॉमन है आप उसे इस्‍तेमाल कर सकते हैं। अड्रेस प्रूफ के तौर पर भी आधार कार्ड दिया जा सकता है। चाहें तो डोमिसाइल सर्टिफ‍िकेट लगा सकते हैं। अगर बर्थ सर्टिफ‍िकेट मांगा जाए, तो वह भी दे दें।

बच्‍चे का पैन कार्ड बनाने में कितना खर्च
पैनकार्ड बनवाने में बहुत खर्च नहीं आता है। अगर आप ऑनलाइन अप्‍लाई करते हैं तो करीब 101 रुपये में काम हो जाएगा। बहुत से लोग नजदीकी साइबर कैफे या जनसेवा केंद्र में जाकर भी यह काम करवाते हैं, वहां भी तकरीबन 200 रुपये में काम हो जाता है। ऐप्‍लिकेशन देने के लगभग 15 दिनों के अंदर पैन कार्ड आपके दिए गए अड्रेस पर‍ डिलिवर हो जाता है।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति