विदेश मंत्री जयशंकर अब कमांडोज के साथ बुलेटप्रूफ कार में चलेंगे, ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

नई दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर की सुरक्षा बढ़ाई गई है। गृह मंत्रालय (MHA) ने उनकी सुरक्षा में इजाफा किया है। यह फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए लिया गया है। उन्हें एक बुलेटप्रूफ कार दी गई है। दिल्ली में उनके घर के आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जयशंकर को पहले से ही सीआरपीएफ कमांडो की जेड-श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। अक्टूबर 2023 में उनकी सुरक्षा Y-श्रेणी से बढ़ाकर Z-श्रेणी कर दी गई थी।
जयशंकर के लिए अब बुलेटप्रूफ कार

सरकारी सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर की सुरक्षा बढ़ाई गई है। MHA ने उनकी सुरक्षा में एक बुलेटप्रूफ कार जोड़ी है। दिल्ली में उनके आवास पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जयशंकर को पहले से ही जेड-श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इस सुरक्षा में सीआरपीएफ कमांडो की तैनाती होती है। केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में पहले से ही 33 कमांडो हमेशा तैनात रहते हैं।

इसलिए लिया गया सुरक्षा बढ़ाने का फैसला

ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा है। यही नहीं भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान और पीओके टेरर कैंप्स को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया। भारत-पाकिस्तान तनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार ने विदेश मंत्री की सिक्योरिटी को लेकर अहम फैसला लिया।
क्या होती है जेड-श्रेणी की सुरक्षा

दरअसल, जेड-श्रेणी की सुरक्षा भारत में तीसरी सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसमें 22 जवान होते हैं। इनमें NSG के 4 से 6 कमांडो और स्थानीय पुलिस शामिल होती है। इसमें एक बुलेटप्रूफ गाड़ी भी होती है। साथ ही, एस्कॉर्ट व्हीकर भी दिए जाते हैं। यह सुरक्षा आमतौर पर बड़े नेताओं और मशहूर हस्तियों को दी जाती है। खासकर उन्हें, जिन पर खतरे की आशंका होती है। अक्टूबर 2023 में जयशंकर की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। पहले उन्हें Y-श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी।

आईबी की रिपोर्ट के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी ने विदेश मंत्री पर खतरे का आकलन करने के बाद सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश की थी। उस समय, सुरक्षा के तौर पर 12 सशस्त्र गार्ड केंद्रीय मंत्री जयशंकर के घर पर तैनात थे। छह पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) भी थे। 12 सशस्त्र एस्कॉर्ट कमांडो तीन शिफ्टों में तैनात थे। तीन वॉचर शिफ्टों में काम करते थे। तीन प्रशिक्षित ड्राइवर हर समय मौजूद रहते थे। अब एस. जयशंकर की सुरक्षा को बढ़ाते हुए एक बुलेटप्रूफ कार भी दी गई है। ये ऐसी कार होगी जिस पर गोलियों का असर नहीं होता।

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