हादसे के बाद बनाए गए फर्जी दस्तावेज, बस मालिक और खरीददार गिरफ्तार, धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ाई गईं

भोपाल
 बाणगंगा चौराहे पर सोमवार करीब 11 बजे हुए बस हादसे के बाद श्रीराम नंदा एजुकेशन एंड वेयलफेयर सोसायटी ने दोपहर तीन बजे पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए जालसाजी की थी। पुलिस ने जांच के बाद इस फर्जीवाड़े को भी राजफाश कर दिया।

जांच में सामने आया कि स्कूल बस हादसे के चार घंटे बाद ही बस बेचने के अनुबंध के दस्तावेज तैयार करवाए गए थे, ताकि हादसे की जिम्मेदारी से बचा जा सके। इसके लिए एक किसान प्रवेश नागर को प्रलोभन देकर तैयार किया गया था। पुलिस ने इसके बाद दोनों आरोपित पर धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ा दी हैं।

दस्तावेज खंगाले गए

टीटी नगर थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई तो दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान पाया गया कि हादसे के बाद करीब तीन बजे दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें प्रवेश नागर को क्रेता और श्रीराम नंदा एजुकेशन एंड वेयलफेयर सोसायटी के सचिव प्रदीप पांडे को विक्रेता दर्शाया गया।

हादसे के बाद एग्रीमेंट करवाते नजर आए

पुलिस ने इसे दस्तावेजी फर्जीवाड़ा मानते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रवेश नागर पुलिस को पूछताछ में गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में वह टूट गया। पुलिस को एक स्थान पर सीसीटीवी फुटेज में दोनों हादसे के बाद एग्रीमेंट करवाते नजर आ रहे हैं। बस ड्राइवर विशाल बैरागी फिलहाल फरार है।

डॉक्टर की मौके पर ही मौत

बता दें कि सोमवार को भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर स्कूल की बस ने रेड सिग्नल पर खड़ी आठ गाड़ियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्कूटी सवार बीएएमएस इंटर्न डॉ. आयशा खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वह अपनी शादी की तैयारियों में जुटी थी। शादी की तारीख 14 जून तय थी। उनकी मां जब रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांट रही थीं, तभी उन्हें बेटी की मौत की खबर मिली।

50 फीट तक घिसटती रही

सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि रेड सिग्नल पर खड़ी गाड़ियों को पीछे से तेज रफ्तार आई बस ने टक्कर मारी। स्कूटर पर बैठी आयशा बस के अगले हिस्से में फंस गई और करीब 50 फीट तक घिसटने के बाद आगे वाले पहिए के नीचे आ गई। छह अन्य लोग घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

टक्कर मारने वाली बस का फिटनेस नवंबर 2024 में ही खत्म हो चुका था और बीमा भी नवीनीकृत नहीं था। बस सड़क पर अवैध रूप से दौड़ाई जा रही थी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त संदीप सिंह ने भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

फर्जी दस्तावेजों से बचने की कोशिश टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की बस से हुए हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई तो दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान पाया गया कि दुर्घटना के तुरंत बाद, बैकडेट में दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें प्रवेश नागर को क्रेता और प्रदीप पांडे को विक्रेता दर्शाया गया। यह संभावना है कि दस्तावेजों में दी गई तारीख हादसे के बाद ही बनाई गई है।

पुलिस ने इसे दस्तावेजी फर्जीवाड़ा मानते हुए दोनों पर IPC की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हादसे के मुख्य आरोपी बस ड्राइवर विशाल बैरागी फिलहाल फरार है।

IPS स्कूल का संचालन करती है श्री रामनंदा एजुकेशन सोसाइटी डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि आईपीएस स्कूल का संचालन श्री रामनंदा एजुकेशन सोसाइटी करती है। सोसाइटी में 8 सदस्य हैं। पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में सोसाइटी के सचिव प्रदीप पांडेय सहित प्रवेश नागर की गिरफ्तारी कर ली गई है। ड्राइवर विशाल बैरागी फरार है। उसके पास हैवी लाइसेंस नहीं होने के बावजूद उसे बस चलाने को दी गई थी।

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