कृषि सखियां सिखाएंगी किसानों को जैविक खेती के गुर

कृषि सखियां सिखाएंगी किसानों को जैविक खेती के गुर

कोटा में एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

बिलासपुर
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कोटा ब्लॉक के करगीकला में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 21 कलस्टर में प्रति क्लस्टर दो कृषि सखी का चयन जिला समिति के द्वारा किया गया है, 42 चयनित कृषि सखियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। ये कृषि सखियां कोटा ब्लॉक के 2665 किसानों को जैविक खेती के विषय में जानकारी देंगी।

       उप संचालक कृषि बिलासपुर पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि अब किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है ताकि किसानों को रसायन मुक्त खेती अपनाने और खेती की लागत कम करने में मदद मिल सके। इस प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर की वैज्ञानिक शिल्पा कौशिक ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती में उपयोग की जाने वाली गौ आधारित इनपुट बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी स्वयं तैयार कर खेती में उपयोग करने और किसानों को जागरूक करने कृषि सखियों को जानकारी दी गई। आगामी माह में और भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के विषय में जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान प्राकृतिक खेती करने की ओर अग्रसर होंगे।

       वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड कोटा संतोष टोण्डे ने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल स्वस्थ वातावरण, उपयुक्त उत्पादकता तथा प्रदूषणमुक्त खाद्य प्राप्त होगा बल्कि इसके द्वारा संपूर्ण ग्रामीण विकास की एक नई स्वावलंबी प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशिक्षण के दौरान शाखा प्रभारी प्राकृतिक खेती विनोद साहू ने बताया कि प्राकृतिक खेती में कीट प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी एवं खरीफ फसलों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मित्र कीटों की पहचान बताने के साथ इनके संरक्षण के उपाय बताए गए तथा प्राकृतिक खेती की आवश्यकता, प्राकृतिक खेती के लाभ, प्राकृतिक खेती के महत्व एवं प्राकृतिक खेती में पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं व्याधि नियंत्रण के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया।

       ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुजीत कंवर ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती प्रारंभ करने के पूर्व खेत से मिट्टी नमूना लेने की तकनीक एवं मिट्टी नमूना लेकर जांच कराने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया और किसानों को मिट्टी नमूना एकत्रित कर जांच करवाने हेतु जागरुक करने की सलाह दी। कार्यशाला में पी.डी. हथेश्वर, उप संचालक कृषि बिलासपुर, शिल्पा कौशिक,कृषि विज्ञान केन्द बिलासपुर, संतोष टोण्डे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी वि.ख. कोटा, विनोद साहू, रामनरेश सेन, शिवकुमार साहू, प्रमोद राजपूत, धरम सिंह पैकरा, अमर सिंह पैकरा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं मीना पीआरपी सहित कृषि सखी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही।

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