भारतवंशी अनीता आनंद को कनाडा विदेश मंत्रालय की मिली कमान, जयशंकर ने दी बधाई

कनाडा
कनाडा की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। हाल ही में प्रधानमंत्री बने मार्क कार्नी ने अपनी नई कैबिनेट का ऐलान किया है। इस नई कैबिनेट में अनीता आनंद को  कनाडा की विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने मेलानी जोली की जगह ली है। प्रधानमंत्री कार्नी ने पुराने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की 39 सदस्यीय टीम को घटाकर 29 मंत्रियों की नई टीम बनाई है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पर अनीता आनंद को बधाई दी और लिखा-"विदेश मंत्री बनने पर @AnitaAnandMP को बधाई।"
 
कौन हैं अनीता आनंद ?
अनीता आनंद एक प्रसिद्ध  वकील, प्रोफेसर और शोधकर्ता हैं। उन्होंने 2019 में पहली बार ओकविल से सांसद के रूप में चुनाव जीता था और 2021 में फिर से चुनी गईं।वह नोवा स्कोटिया में पैदा हुई थीं और 1985 में  ओंटारियो चली गई थीं। उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं और पंजाब  से संबंध रखते हैं। उनके पिता एस.वी. आनंद  जनरल सर्जन थे और मां  सरोज राम एनेस्थीसियोलॉजिस्ट थीं।

क्वीन्स यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल स्टडीज़ में ऑनर्स
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुरिसप्रूडेंस में ऑनर्स
डालहौजी यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ लॉज़
टोरंटो यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ लॉज़
 
नई कनाडा कैबिनेट

प्रधानमंत्री कार्नी के नेतृत्व में यह नई कैबिनेट अब कनाडा की नई दिशा तय करेगी। अनीता आनंद के विदेश मंत्री बनने से भारत-कनाडा रिश्तों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति