बोदरी में समाधान शिविर बना बुजुर्गों के लिए वरदान, वय वंदन योजना के तहत मिली 5 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा

हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

बिलासपुर,

बोदरी में आयोजित समाधान शिविर में बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। समाधान शिविर में आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत  अनेक वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सहायता दी गई , योजना से लाभान्वित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार।     

बोदरी नगर पालिका क्षेत्र के निवासी वरिष्ठ नागरिक श्री शत्रुघ्न उपाध्याय, श्रीमती राधा तिवारी और श्रीमती जसमीत कौर की आंखों में चमक और चेहरे पर खुशी उस समय दिखाई पड़ी जब उन्हें आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत वय वंदन कार्ड वितरित किए गए। इन कार्डों के माध्यम से अब इन हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। बुजुर्ग हितग्राहियों ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती उम्र में जब स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ जाती हैं, तब सरकार द्वारा दी जा रही यह सहायता उनके लिए बड़ी राहत है।

   श्री शत्रुघ्न उपाध्याय ने भावुक होकर कहा, कि “पहले इलाज के लिए बड़ी आर्थिक समस्या होती थी, अब इस कार्ड से हमें बड़ी राहत मिलेगी। यह योजना हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं।” इसी तरह शिविर में  समस्या का त्वरित निराकरण होने पर श्रीमती राधा  तिवारी और श्रीमती जसमीत कौर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया, उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य संबंधी उनकी एक बड़ी चिंता दूर हो गई है। उन्होंने सुशासन तिहार की पहल को सरकार की एक संवेदनशील पहल बताया।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा  बुजुर्गों के सम्मान एवं उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है,जिसके तहत उन्हें 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविरों में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।  

  उल्लेखनीय है कि वय वंदन योजना बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सम्मान की दिशा में एक अहम पहल है जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाती है। योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पंजीकृत अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को वय वंदन स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है, जो उनकी पहचान और पात्रता का प्रमाण होता है। इस कार्ड से अस्पताल में भर्ती से लेकर इलाज तक की सारी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो जाती है। योजना का उद्देश्य है कि बुजुर्गों को इलाज के आर्थिक बोझ से मुक्ति मिले और वे सम्मानपूर्वक और स्वस्थ जीवन जी सकें

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति