स्वदेशी डिफेंस सिस्टम ‘आकाशतीर’ यह वही डिफेंस सिस्टम है, जिसने पाकिस्तान के कई हवाई हमलों को नाकाम किया

नई दिल्ली
सरकारी डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने बुधवार को स्वदेशी डिफेंस सिस्टम 'आकाशतीर' को देश को दिखाया। यह वही डिफेंस सिस्टम है, जिसने पाकिस्तान के कई हवाई हमलों को नाकाम किया। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "बीईएल को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे इन-हाउस डिजाइन और निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम 'आकाशतीर' ने युद्ध के मैदान में अपनी क्षमता साबित कर दी है। आकाशतीर के साथ एकीकृत ग्राउंड-बेस्ड डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को नाकाम कर दिया।"
बीईएल ने पोस्ट में आगे लिखा, "इस प्रणाली ने उपयोगकर्ताओं की अपेक्षाओं से बढ़कर प्रदर्शन किया और मौजूदा संघर्ष के दौरान भारत को मजबूत वायु रक्षा प्रदान की।"
बीईएल ने बताया कि आकाशतीर सेना की सबसे निचली परिचालन इकाइयों को सुलभ, एक निर्बाध और एकीकृत हवाई स्थिति चित्र सुनिश्चित करता है, जिससे सेना को स्थिति के बारे में सही और सटीक जानकारी मिलती है। सरकारी डिफेंस कंपनी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, "आकाशतीर अग्रिम पंक्ति पर तैनात यूनिट्स को सशक्त बनाता है और डायनामिक इंगेजमेंट निर्णय लेने में मदद करता है।"
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सोमवार को भारतीय सेना की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहा था, "हमारे युद्ध-सिद्ध सिस्टम समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और उन्होंने पाकिस्तान का डटकर मुकाबला किया है। एक और खास बात स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली-आकाश सिस्टम का शानदार प्रदर्शन रहा। पिछले एक दशक में भारत सरकार के बजटीय और नीतिगत समर्थन के कारण ही इतना मजबूत वायु रक्षा वातावरण तैयार करना और संचालित करना संभव हो सका।"
भारती ने आगे कहा था, "पाकिस्तान के ड्रोन और मानवरहित युद्धक हवाई वाहनों को स्वदेशी रूप से विकसित सॉफ्ट और हार्ड किल काउंटर-यूएएस सिस्टम और अच्छी तरह से प्रशिक्षित भारतीय वायु रक्षा कर्मियों ने नाकाम कर दिया। हमने सिविलियन और मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को न्यूनतम रखा, जबकि पाकिस्तानी सेना लगातार हमले कर रही थी। आपको पता है कि एयर डिफेंस सिस्टम की हमारे पास वैरायटी है, जिसमें लो लेवल फायरिंग, सरफेस टू एयर मिसाइल, लॉन्ग और शॉर्ट रेंज मिसाइल शामिल हैं। हम पर ड्रोन और यूएवी से हमला किया गया। पाकिस्तानी हमले के दौरान हमारे सभी सिस्टम एकसाथ सक्रिय हुए। मॉडर्न डेज वार फाइटिंग के लिहाज से ये अहम था। पुराने माने जा रहे एयर डिफेंस सिस्टम ने भी सही तरह से काम किया।"

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति