शहबाज शरीफ टैंक पर चढ़ें कहा- रिटायरमेंट के बाद किताब लिखकर बताऊंगा आपकी ‘बहादुरी

इस्लामाबाद
 भारतीय सशस्त्र बलों के हाथों चार दिनों तक लगातार पिटाई के बाद अब पाकिस्तान डींगे मार रहा है। ये तब है जब पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि भारत ने किस तरह से पाकिस्तान में घुसकर उसे नुकसान पहुंचाया है। कई दिनों के बाद अब अमेरिकी अखबारों ने भी सैटेलाइट तस्वीरों को छापकर बता दिया है कि किस तरह भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बावजूद इसके पाकिस्तानी नेता इसे अपनी जीत बता रहे हैं। हद तो तब हो गई जह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को कह दिया कि पाकिस्तान ने 1971 में भारत के हाथों हार का बदला ले लिया है।

शहबाज शरीफ ने ये बात सियालकोट स्थित पसरूर छावनी परिसर में कही है। ये वही छावनी है, जिसे भारत ने जवाबी कार्रवाई के दौरान निशाना बनाया था। इस दौरान अपने संबोधन में शहबाज ने पाकिस्तानी सैनिकों से कहा, आपने 1971 की जंग का बदला ले लिया है। अब पूरा देश आपके साथ खड़ा है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत को गीदड़भभकी दी तो कश्मीर और पानी विवाद पर बातचीत की पेशकश भी कर डाली।

भारत को गीदड़भभकी

शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को गीदड़भभकी देते हुए कहा, 'अगर आप हम पर फिर से हमला करेंगे, तो आप सब कुछ खो देंगे…" उन्होंने कहा, 'हम युद्ध और बातचीत के लिए तैयार हैं। अब चुनाव आपका है।' शहबाज ने पीएम मोदी के हालिया संबोधन के संदर्भ में कहा, पानी हमारी लाल रेखा है। हमारे पानी को मोड़ने के बारे में सोचना भी मत। हां, पानी और खून एक साथ नहीं बहते। आपने हमारी नीलम-झेलम जल परियोजना को भी नुकसान पहुंचाया है।
कश्मीर और जल संधि पर बातचीत की पेशकश

इस दौरान शहबाज ने पीएम मोदी से मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत की पेशकश की। उन्होंने कहा, आइए हम इस आग को बुझाएं। आइए हम कश्मीर और पानी पर बात करने के लिए एक साथ बैठें। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। 1960 में हुई संधि के तहत पाकिस्तान को तीन नदियों का पानी मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत पानी रोकता है तो पाकिस्तान में हाहाकार मच सकता है।

मोदी की नकल करने निकले शहबाज

पाकिस्तानी पीएम का पसरूर दौरा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल था। पीएम मोदी ने आदमपुर एयरबेस का दौरा किया था, जिसे पाकिस्तान ने निशाना बनाने का दावा किया था। इस दौरान पीएम मोदी के पीछे ही एस-400 एयर डिफेंस और राफेल विमान खड़ा नजर आया, जो पाकिस्तान के दावों की पोल खोलने के लिए काफी था। इसके उलट जब शहबाज शरीफ पसरूर सैन्य अड्डे पर पहुंचे तो एयरबेस के हिस्से को दिखाया ही नहीं गया, ताकि पाकिस्तान की रही सही इज्जत भी न जाने पाए।

admin

Related Posts

याचिकाकर्ता पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया, असामान्य तर्क पर उठाए सवाल

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को लावारिस कुत्तों के मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान एक याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उनके इलाके में बहुत सारे लावारिस कुत्ते…

रूस की कड़ी टिप्पणी: ग्रीनलैंड पर डेनमार्क का दावा सही नहीं

मास्को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ग्रीनलैंड को डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा मानने से इनकार किया है। इसके साथ ही एक प्रेस वार्ता में लावरोव ने दावा किया…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी