सिंहस्थ की आनंदमयी तैयारियों के लिये भोपाल में अधिकारियों का प्रशिक्षण

सिंहस्थ 2028

उज्जैन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सिंहस्थ-2028 के अवसर पर माँ क्षिप्रा के पावन स्नान के लिये उज्जैन पधारने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के आनंदमयी महाकुंभ स्नान के लिये अधिकारियों का त्रि-दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का समापन हुआ। इस अवसर पर राज्य आनंद संस्थान भोपाल निदेशक सत्यप्रकाश आर्य ने कहा कि आप अपने काम पर गर्व करें और जिंदगी को गरिमामयी बनाकर जीवन को आनंद के साथ जिये। उन्होंने नैतिक मुल्यों पर आधरित जीवन यापन में और प्रशासनिक क्षेत्र में बेहतर माहौल और समन्वय बनाय रखने की बात कहीं। निदेशक आर्य प्रशासन अकादमी में आयोजित त्रि-दिवसीय प्रशिक्षिण सत्र में उज्जैन संभाग के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

राज्य आनंद सास्थान के निदेशक आर्य ने कहा कि हमें अपने सारे काम विवेक के साथ करना है, परंतु उसके साथ आनंद का समावेश होना भी बहुत जरूरी है। ऐसे कार्य जिसमें आनंद न हो, उसे आनंद मूल्य की परिधी में नहीं रखा जा सकता। काम ऐसा करें दूसरों के लिये प्रेरणादायी हो।

मौन से बड़ा कौन

प्रशिक्षण सत्र में मौन के महत्व के महत्व पर विचार रखते हुए वक्ताओं ने आत्म शांति के लिये मौन के महत्व को बताया। प्रात: 7 बजे से योगाभ्यास से प्रारंभ प्रशिक्षण में सत्र के अंतिम दिन 7:30 बजे से 11 बजे तक मौन रखा गया। 3:30 घंटे मौन रखकर "मौन से बड़ा कौन6 वाक्य के महत्व को प्रैक्टिकली समझाया गया। शाम को छोटे-छोट ग्रुप बनाकर स्वयं को समझने, आत्मचिन्तन की कला के साथ जीवन मुल्यों को कैसे जिया जाये आदि प्रशिक्षण सत्र के प्रमुख भाग रहे। वीडियो फिल्म के माध्यम से मन की स्वच्छता को बढ़ाने का संदेश दिया गया।

उज्जैन से आए मास्टर ट्रेनर डॉ. प्रवीण जोशी ने कहा कि, सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर इस प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के शासकीय सेवकों को अल्पविराम का विस्तृत परिचय, लाइफ बैलेंस शीट, मेरे रिश्ते, चिंता का दायरा प्रभाव का दायरा, फ्रीडम ग्लास जैसे टूल्स से प्रतिभागियों को परिचय कराया गया है। कार्यशाला में उज्जैन संभाग के प्रमुख और जिले प्रमुख लगभग 40 प्रतिभागी उपस्थित हुए। विभिन्न सत्रों में संस्थान के मास्टर ट्रेनर डॉ. समीरा नईम देवास से, डॉ. प्रवीण जोशी उज्जैन से, संजय पांडेय उमरिया से, शिरीष सुमन शर्मा शाजापुर से, डॉ. अमित मुखर्जी पंचगनी से, अजीत महतों भोपाल से विशेष उपस्थित रहे।

 

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