मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर आज सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई

भोपाल

 मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह (Vijay Shah Controversial Remark) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने के बाद से वो कानूनी चंगुल में फंस गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनावई होनी है।

विजय शाह ने कर्नल सोफिया (Colonel Sophia Qureshi) पर विवादित टिप्पणी की तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया। विजय शाह ने जब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसपर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

बीते दिन सीजेआई बीआर गवई ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। साथ ही उन्होंने मंत्री कुवंर विजय सिंह को भी जमकर फटकार लगाई। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी, जिसे ठुकराते हुए आज (16 मई) की तारीख दे दी गई थी।

विजय शाह को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-

    राज्य के कैबिनेट मंत्री जैसे संवैधानिक पद पक बैठे व्यक्ति को बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। आपसे इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आप मंत्री होकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या यह आपको शोभा देता है?

जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एमपी सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया को 'आतंकवादियों की बहन' कहा था। उनके इस बयान पर सख्त रुख अपनाते हुए एमपी हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 (1)(b) और 197(1)(c) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था।

विजय शाह ने मांगी माफी

मामला गंभीराने के बाद मंत्री विजय शाह ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी। उनका कहना था कि मैं सपने में भी कर्नल सोफिया के बारे में गलत नहीं सोच सकता। सोफिया ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश की सेवा की है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। अगर जोश में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया हो तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं।

इस्तीफे का बन रहा है दबाव

विजय शाह का यह बयान सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। एमपी सरकार पर विजय शाह को मंत्री पद से हटाने का दबाव बन रहा है। खबरों की मानें तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विजय शाह से मुलाकात की थी। मगर, उन्होंने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया है। अब सबकी नजर आ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।

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