कप्तानी की रेस का फ्रंटरनर अचानक रेस से ही बाहर क्यों हो गया?, ऐसा क्या हुआ जो कट गया पत्ता?

नई दिल्ली
जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी में रोहित शर्मा का स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। दिसंबर-जनवरी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान 2 मैचों में उन्होंने कप्तानी भी की। रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता आखिर क्यों कट गया? कप्तानी की रेस का फ्रंटरनर अचानक रेस से ही बाहर क्यों हो गया?

औपचारिक ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन रिपोर्ट बता रहीं कि बीसीसीआई ने शुभमन गिल को रोहित शर्मा का उत्तराधिकारी चुन लिया है। वही गिल जिनकी टेस्ट के प्लेइंग इलेवन तक में पक्की जगह नहीं मानी जाती थी। कम से कम दिग्गज पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत का तो यही मानना है।

महान सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले जैसे एक्सपर्ट भी जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी सौंपे जाने के पैरोकार थे। हाल ही तक उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने वाले दिग्गज ऑफ स्पिनर आर अश्विन भी उन्हें ही अगला कप्तान देख रहे थे। फिर बुमराह का पत्ता कैसे कटा? इसका कनेक्शन इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट से है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए जसप्रीत बुमराह टीम के उपकप्तान चुने गए थे। पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कप्तानी भी क्योंकि नियमित कप्तान रोहित शर्मा उस मैच को नहीं खेल पाए थे। वह दूसरी बार पिता बने थे। बुमराह की कप्तानी में टीम इंडिया ने पर्थ टेस्ट 295 रन के विशाल अंतर से जीता था। वहां जीत के लिए भारत का 47 साल का इंतजार खत्म हुआ था।

बुमराह ने सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट में भी कप्तानी की थी क्योंकि रोहित शर्मा ने खुद को ड्रॉप कर दिया था। मैच के दूसरे ही दिन 4 जनवरी को जसप्रीत बुमराह बैक इंजरी के शिकार हो गए और उसके बाद वह फील्ड पर नहीं लौटे। मैच भी तीन दिन में ही समाप्त हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से जीत हासिल कर ली। सीरीज में भारत की शर्मनाक हार हुई। तब बीसीसीआई ने नए कप्तान पर विचार शुरू कर दिया लेकिन बुमराह की बैक इंजरी उनकी दावेदारी के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हुई।

उसके बाद बुमराह 3 महीने तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहे। चैंपियंस ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं ले पाए। आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों में भी वह नहीं खेल पाए। फिटनेस और चोट की इन्हीं चुनौतियों की वजह से अगले टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता कट गया।

वैसे यह कोई पहली बार नहीं था जब बुमराह इंजरी की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे और आईसीसी टूर्नामेंट तक मिस किया हो। यह वजह है कि चयनकर्ताओं ने कप्तानी के लिए बुमराह से इतर चेहरे को तलाशना शुरू किया। अब ये तलाश गिल के रूप में खत्म होती दिख रही है। उन्होंने आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित भी की है। वनडे और टी-20 दोनों में वह टीम इंडिया के उपकप्तान हैं।

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