राऊ थाना क्षेत्र में युवक की पहले किडनैपिंग की गई और उसके बाद हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया गया

इंदौर

 इंदौर जिले में बॉलीवुड फिल्म ‘दृश्यम’ जैसी सस्पेंस वाली मर्डर मिस्ट्री का खुलासा हुआ है। इंदौर के पास खुडैल थाना क्षेत्र में एक आशिक ने अपनी प्रेमिका के भाई की हत्या कर लाश तालाब के किनारे गड्ढा कर गाढ़ दी थी। बीते कुछ दिनों से बारिश के होने कारण उसे लगा कि लाश दुर्गंध मार रही होगी। यह सोचकर वह लाश को नमक में दबाने के लिए कुछ कुछ मजदूरों को अपने साथ ले गया, लेकिन शराब के नशे में उन मजदूरों ने पूरी कहानी उगल दी। इसके बाद इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

डीएसपी उमाकांत चौधरी के मुताबिक, एक युवती द्वारा 03 मई को थाना खुडैल में अपने 21 वर्षीय भाई विशाल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस उस युवक की तलाश में लगी थी। इस बीच, कुछ ग्रामीणों ने उन्हें युवती के प्रेम प्रसंग की बात बताई। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही थी कि तभी उसे सेमलियाचाउ के पास एक अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा ही था कि कुछ मुखबिरों ने पुलिस को बताया कि कुछ शराबी नशे में एक व्यक्ति की लाश को नमक में दबाने के लिए कुछ रुपये मिलने की बात कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने पहले उन नशेड़ियों को थाने लाकर पूछताछ की तो अज्ञात शव और गुमशुदा युवक दोनों की कहानी एक ही निकली।

दरअसल, इलाके में रहने वाले आरोपी रोहित परमार और मृतक विशाल की बहन के बीच 5 साल से प्रेम संबंध थे। दोनों के प्रेम कहानी की खबर विशाल को लगी तो उसने रोहित को ब्लैकमेल कारण शुरू कर दिया। दोनों के अफेयर की बात यदि गांव में पता चल जाती तो उससे बखेड़ा खड़ा हो जाता। रोहित गांव में एक डॉक्टर के पास कंपाउंडर का काम करता था। वहीं मृतक विशाल और उसकी बहन एक कपड़े की दुकान में काम करते थे। विशाल ने जब रोहित को ब्लैकमेल करना नहीं छोड़ा तो उसने गुस्से में आकर विशाल को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। उसने फोन कर पहले विशाल को एक सुनसान इलाके में मिलने बुलाया, फिर उसे गोली मारकर लाश नजदीक के तालाब के किनारे छोटे से गड्डे में गाड़ दी थी।

रोहित ने कई बार ‘दृश्यम’ फिल्म देख रखी थी। उसने परिवार को गुमराह करने के लिए मृतक विशाल के मोबाइल से उसके घर में कुछ एमएमएस किए और इंदौर से सांवरिया सेठ दर्शन करने जाने की बात कही। फिर विशाल का मोबाइल लेकर रोहित सांवरिया सेठ भी गया। उसे लगा कि यदि विशाल के मोबाइल फोन की लोकेशन निकलेगी तो वो बाहर की आएगी। इसके बाद वो खुडैल आ गया, लेकिन कई दिन से लगातार बारिश हो रही थी। उसने सोचा कि लाश पानी में जल्दी सड़ जाएगी और तालाब में पानी बढ़ने पर वो जल्द ऊपर या सकती है।
पुलिस को मुखबिर से मिली थी सूचना

आरोपी रोहित ने गांव आकर कई कुंटल नमक खरीदा और शव को नमक में दबाने के लिए इलाके के दो मजदूर बबलू खाड़पा और सोनू परमार से 40 हजार रुपये में सौदा तय किया। इतनी बड़ी रकम सुन दोनों ने इस काम के लिए हां कर दी। उन्होंने शव को अच्छे से दफना कर आरोपी से 40 हजार लिए और चले गए। एक दिन दोनों मजदूरों बबलू और सोनू ने शराब के नशे में एक लाश को नमक दबाने के लिए 40 हजार मिलने की बात उगल दी। यह खबर किसी पुलिस के मुखबिर को मिल गई और उसने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद परत दर परत यह कहानी खुल गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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