पिछले दिनों बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही, वालंटियर तैयार

सीहोर
भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही है। युद्ध होने की स्थिति में सीमा पर सेना जंग लड़ेगी और सिविल डिफेंस की टीम भी गृह युद्ध, दंगे और आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेगी। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में सिविल डिफेंस वॉलंटियर संगठन को मजबूत करने का अभियान सफल रहा। जिले में 2641 स्वयंसेवकों का नामांकन किया गया। 12 से 17 मई के बीच 2345 स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए गए।

भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही है। युद्ध होने की स्थिति में सीमा पर सेना जंग लड़ेगी और सिविल डिफेंस की टीम भी गृह युद्ध, दंगे और आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेगी। जिला प्रशासन ने सिविल डिफेंस की टीम बनाने के लिए देशभक्ति और समाजसेवा में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रशिक्षित किया। कलेक्टर बालागुरू के. और  एसपी दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशानुसार, प्रशिक्षण के तहत सीहोर जिले में कुल 2641 सिविल डिफेंस वॉलंटियर नामांकित किए गए हैं। इसके तहत 12 मई से 17 मई तक आयोजित प्रशिक्षण में 2345 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों ने उत्साह से भाग लिया और देश की सेवा के लिए पूरी तत्परता से कार्य करने की कसम खाई।

आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए
इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को विभिन्न आपातकालीन स्थितियों, जैसे युद्ध के समय हवाई हमले, आगजनी अथवा किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को सिखाया गया कि इन विषम परिस्थितियों में वे किस प्रकार अपनी और अपने समुदाय की सुरक्षा को प्रभावी ढंग से संभाल सकते हैं। प्लाटून कमांडर महेंद्र वर्मा, अशोक पाटीदार एवं एएसआई सीएस चंदेरिया ने बताया कि यह पहल मध्यप्रदेश सरकार की आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने और आम नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति