इजराइल ने गाजा में किये हमलों में कम से कम 60 लोगों की मौत

इजराइल
इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ अपने युद्ध को और तेज कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप रात भर हुए हमलों में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय निंदा के बावजूद इजराइल ने हाल के दिनों में इस क्षेत्र में कई बड़े हमले किए हैं। इजराइल का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य हमास द्वारा बंधक बनाए गए कई लोगों को वापस लाने के लिए उस पर दबाव डालना और समूह को पूरी तरह से नष्ट करना है।

हमले की शुरुआत से अब तक 300 से ज्यादा मौतें
इस हमले की शुरुआत से अब तक गाजा पट्टी में 300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इजराइल का कहना है कि उसका लक्ष्य गाजा पर कब्जा करना, वहां के कुछ इलाकों पर नियंत्रण करना, हजारों लोगों को विस्थापित करना और सुरक्षित सहायता वितरण सुनिश्चित करना है।

सीमित सहायता की अनुमति लेकिन नाकाबंदी जारी
नए हमले तेज होने के बीच इजराइल ने युद्ध से तबाह हुए क्षेत्र में ढाई महीने की नाकाबंदी के बाद सीमित मात्रा में सहायता की अनुमति देने पर सहमति जताई। इस नाकाबंदी के कारण क्षेत्र में भोजन, दवा और ईंधन के साथ-साथ अन्य आवश्यक सामान की पहुंच बाधित हो गयी थी। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने सहयोगियों के दबाव के बाद न्यूनतम सहायता देने का निर्णय लिया है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि अब तक केवल कुछ ही ट्रक गाजा भेजे गए हैं जो भारी जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस साल की शुरुआत में युद्ध विराम के दौरान प्रतिदिन लगभग 600 ट्रक गाजा में दाखिल हुए थे।

अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा
सोमवार को इजराइल के आचरण की आलोचना तब और तेज हो गई जब उसके सहयोगी कनाडा, फ्रांस और ब्रिटेन ने प्रतिबंधों सहित देश के खिलाफ "ठोस कार्रवाई" की धमकी दी। उन्होंने इजराइल से गाजा में अपनी नई सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का भी आह्वान किया। हालांकि नेतन्याहू ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यह हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले का "सबसे बड़ा जवाब" है।

हमलों का विवरण
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार उत्तरी गाजा में दो हमलों में एक परिवार के मकान और आश्रय स्थल के रूप में काम कर रहे एक स्कूल को निशाना बनाया गया जिसमें कम से कम 22 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे थे। अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अनुसार मध्य शहर दीर अल-बलाह में एक हमले में 13 लोग मारे गए और पास के नुसेरात शरणार्थी शिविर में एक और हमले में 15 लोग मारे गए। नासेर अस्पताल के अनुसार दक्षिणी शहर खान यूनिस में दो हमलों में 10 लोग मारे गए। इजराइल की सेना ने इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना का कहना है कि वह केवल आतंकवादियों को निशाना बनाती है और नागरिकों की मौत के लिए हमास को दोषी ठहराती है क्योंकि यह समूह घनी आबादी वाले क्षेत्रों में काम करता है। गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति और बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति