पशुपतिनाथ मंदिर की शैली पर इंदौर के पास आकार ले रहा मंदिर

 इंदौर
 नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर से 20 किमी दूर तिल्लौर खुर्द के पास पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा है। 25 हजार वर्गफीट में तैयार हो रहे इस मंदिर में सर्वेश्वर भोले बाबा विराजित होंगे। 2015 में शुरू हुआ मंदिर निर्माण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है।

यहां मंदिर के साथ हेल्थ केयर सेंटर, गोशाला, स्कूल आदि बनाए जाएंगे। शिव ओम सांई ट्रस्ट द्वारा तिल्लौर में 25 हजार वर्गफीट परिसर में पांच हजार वर्गफीट में मुख्य मंदिर बनाया जा रहा है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की वास्तुशैली पर बन रहा है। यहां लकड़ी की 12 फीट की 48 मूर्तियां बनाकर स्थापित की जा रही हैं।

परिसर में 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं

इनमें पहली मंजिल पर शिव परिवार, राम परिवार, कृष्ण परिवार और पांडव की मूर्तियां हैं। दूसरी मंजिल पर योगिनियों की मूर्तिया लगाई गई है। खास बात यह है कि बंगाल के कलाकारों ने एक ही तने से एक मूर्ति बनाई है। परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं, जिसमें लाल गणेशजी, दत्तात्रय, अन्नपूर्णा माता, उन्मत भैरव आदि के मंदिर है।

मंदिर निर्माण शुरू करने से पहले ट्रस्ट सदस्यों द्वारा नेपाल जाकर पशुपतिनाथ मंदिर भी गए और बारीकी से एक-एक वस्तु का निरीक्षण किया ताकि वास्तुशैली को यहां आकार दे सकें।
सर्वेश्वर महादेव होंगे विराजित

ट्रस्टी मनोज ठक्कर ने बताया कि पशुपतिनाथ मंदिर एक है और वह नेपाल में है। हम यहां पर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली का उपयोग कर रहे हैं। मगर यहां पर सर्वेश्वर महादेव को स्थापित किया जाएगा। गेस्ट हाउस, अन्नक्षेत्र के अलावा आठ हजार वर्गफीट में भजन और आध्यात्मिक केंद्र भी बनाया जाएगा।

ऐसे शुरू हुआ मंदिर निर्माण

मंदिर का निर्माण सबसे पहले 11 रुपये के चंदे के साथ हुआ। इसके बाद गुरु मनोज ठक्कर द्वारा लिखी गई चार किताबों से होने वाली आय से मंदिर निर्माण चल रहा है।

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