हम सभी प्रकृति को किसी न किसी न रूप में अपनी जरूरतों के हिसाब से उपयोग करते है – मंत्री पटेल

भोपाल

हम सभी प्रकृति को किसी न किसी न रूप में अपनी जरूरतों के हिसाब से उपयोग करते है , लेकिन बदले में प्रकृति को देना भूल जाते है यह बात आलीराजपुर जिले में आयोजित पंच सरपंच सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कही। उन्होने सम्मेलन कहा कि जल गंगा संवर्धन के माध्यम से हम अपनी प्राकृतिक स्त्रोत सहेज के रख सकते चाहे वो जल स्त्रोत के माध्यम ही क्यो न हो , जल गंगा संवर्धन का मुख्य उद्देश्य ही अपने आस पास के जल स्त्रोतो का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार करना है इससे हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन सके और उन्हें भी प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण करना के लिए प्रेरणा मिल सके।

पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करें – मंत्री पटेल

मंत्री पटेल ने कहा कि प्रत्येक पंचायत को आत्मनिर्भर बनना चाहिए जिससे आप अपने क्षेत्र का ओर अधिक विकास कर सके। धरती आबा योजना के तहत गांवों में सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए और ऐसी कार्ययोजना तैयार करना चाहिए जिससे पंचायत का राजस्व प्राप्त हो और वहां के निवासियों को रोजगार उपलब्ध हो सके। राज्य शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए प्रदेश के सरपंचों को प्रशासनिक स्वीकृति अब 15 लाख के स्थान पर 25 लाख की गई है। जिससे वह अपनी ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य और अधिक कर अपनी ग्राम पंचायत का आत्मनिर्भर बना सके।

ग्रामीण महिलाओं के समूह बनाकर ऋण देकर लखपति दीदी बनाकर महिला सशक्तिकरण को गति दी जा रही है। अलीराजपुर जिले में ही 7 हजार 5 सौ अधिक समूह बनाकर महिला को आत्मनिर्भर बनाया गया है, इस दौरान उन्होंने महू की लखपति दीदी का परिचय करवाते हुए कहा कि आप लोगो को भी अपने खुद का व्यवसाय का विस्तार कर अपने क्षेत्र और अपने परिवार का उत्थान करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल स्रोतों का बढ़ाने के लिए सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है, सॉफ्टवेयर के माध्यम से तालाब निर्माण के दौरान भूमि का चयन करना आसान होगा, इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से तालाब निर्माण के पूर्व ही हमें यह पता रहेगा कि पानी का संरक्षण हो पाएगा या नहीं।

मंत्री पटेल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की दुर्घटना के दौरान उसकी मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार की राशि शासन द्वारा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 सौ से अधिक पंचायत भवनों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत भवन की नवीन डिजाइन अनुसार यह 3 मंजिला होगी जिसके लिए 47 लाख भी स्वीकृत किए जाएंगे। उन्होंने उपस्थित सरपंचों से कहा कि पंचायत भवन विहीन पंचायत अपने अपने क्षेत्र में पंचायत भवन का निर्माण करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें।

फलिया सड़क से विकास को मिलेगी गति – मंत्री चौहान

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि जिले के कृषकों को सिंचाई के लिए नर्मदा सिंचाई योजना लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है, शेष गांवों को भी जल्द ही मॉ नर्मदा का पानी उपलब्ध हो सकेगा जिससे आप लोग अतिरिक्त फसल के साथ साथ शुद्ध पेयजल प्राप्त कर सकेंगे। आने वाले समय में जिले की प्रत्येक ग्राम के प्रत्येक घरों में नल जल योजना का लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि जिले में फलिया सड़क से संबंधित सभी समस्याओं से पंचायत मंत्री पटेल को अवगत कराया गया है।

पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल एवं मंत्री नागर सिंह चौहान ने मनरेगा योजना के तहत अमृत सरोवर तालाब निर्माण कार्य की राशि 2.93 करोड़, खेत तालाब निर्माण कार्य की राशि 20.39 करोड़ एवं बोरवेल रिचार्ज कार्य की राशि 8.09 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास किया।

 

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