आतंकवाद का पर्याय बन चुका पाकिस्तान हाल के दिनों में खुद भी धमाकों से दहल रहा

कराची

आतंकवाद का पर्याय बन चुका पाकिस्तान हाल के दिनों में खुद भी धमाकों से दहल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में पाकिस्तान विस्फोटक हथियारों से नागरिकों को नुकसान पहुंचने के मामले में दुनिया का सातवां सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया। ब्रिटेन स्थित एक गैर सरकारी संगठन एक्शन ऑन आर्म्ड वायलेंस (AOAV) द्वारा  जारी की गई रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 790 पाकिस्तानी नागरिक इन विस्फोटों में मारे गए। उस साल वहां 248 ऐसे वारदात हुए, जो कि 2023 की तुलना में 11% अधिक है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इन घटनाओं में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का प्रमुख हाथ है। बीएलए ने अकेले 119 नागरिकों को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के मुताबिक, BLA द्वारा की जाने वाली हिंसा में 440% की वृद्धि देखी गई। 2023 में 22 घटनाओं के मुकाबले 2024 में 119 नागरिक प्रभावित हुए। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में पाकिस्तान में हुए सभी आत्मघाती हमलों के पीछे BLA ने प्रमुख भूमिका निभाई।

2024 में पाकिस्तान में 2014 के बाद सबसे अधिक 248 घटनाएं दर्ज की गईं। 2018 के बाद दूसरा सबसे बड़ा साल रहा जिसमें नागरिकों की अधिक मौत हुई। 2015 के बाद दूसरे सबसे ज्यादा सशस्त्र बल के सदस्य मारे गए हुए।

रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है कि पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों और बीएलए की सक्रियता न केवल स्थानीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि क्षेत्रीय अस्थिरता को भी बढ़ावा दे रही है। विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा और आत्मघाती हमलों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों दोनों को निशाना बनाया है।

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