फसलों की सिंचाई और पेयजल के लिए मिले पर्याप्त पानी, इसके लिए गांवों में बनाए जा रहे खेत-तालाब, अमृत सरोवर

भोपाल
किसानों को फसलों की सिंचाई व पीने के लिए पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा योजना से विदिशा जिले में खेत-तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का निर्माण किया जा रहा है। खेत-तालाब व अमृत सरोवर बनने से खेतों को फसलों की आवश्यकता के समय पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा। इससे किसान आर्थिक समृद्धि की नई कहानी लिखे सकेंगे। कुओं को रिचार्ज करने के लिए कूप रिचार्ज पिट कुओं का जल स्तर बना कर रखेंगे। परिणाम स्वरूप गर्मियों में भी पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रहेगा।

विदिशा जिले में 1,819 खेत-तालाब, 21 अमृत सरोवर और 1,709 रिचार्ज पिट्स का निर्माण
जल गंगा संवर्धन अभियान में विदिशा जिले की सभी 7 जनपद (बसौदा, ग्यारसपुर, कुरवाई, लटेरी, नटेरन, सिरोंज और विदिशा) में 21 अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 14 अमृत सरोवरों का काम पूर्ण होने को है, शेष 7 पर काम प्रगतिरत है। सभी 7 जनपदों में 1 हजार 731 खेत-तालाब बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में लक्ष्य से अधिक 1 हजार 819 खेत-तालाबों का निर्माण हो रहा है। जिले में 1 हजार 400 कुओं को बारिश के पानी से रिचार्ज करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, अब तक लक्ष्य से अधिक 1 हजार 709 कुओं के रिचार्ज पिट बनाए जाने का काम चल रहा है।

खेत-तालाब निर्माण में किसान खुद आगे आकर बन रहे सहभागी
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बुरहानपुर जिले में भी किसान अपने खेतों में खेत-तालाब बनाने में स्वयं आगे बढ़कर सहभागिता कर रहे है। खेत-तालाब से वर्षा जल संचित हो सकेगा और आस-पास के भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी और किसानों को फसल उत्पादन में लाभ मिलेगा।

हेक्साकॉप्टर ड्रोन से सीड बॉल्स छिड़काव
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने हेक्साकॉप्टर ड्रोन के माध्यम से सीड बॉल्स छिड़काव किया। हेक्साकॉप्टर ड्रोन से इमली और सीताफल के बीजों का छिड़काव किया गया। इसके लिए आजीविका मिशन की दीदियों ने ड्रोन के छिद्रों के अनुरूप विशेष रूप से सीड बॉल्स बनाए हैं। मंत्री सुश्री भूरिया के बाद उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने हाथीपावा पहाड़ी पर सीड बॉल्स का छिडकाव किया।

जोहिला नदी में श्रमदान से स्वच्छता अभियान
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था ने उमरिया जिले के गोरैया ग्राम पंचायत के सहयोग से ग्रामीणों ने श्रमदान कर जोहिला नदी में स्वच्छता अभियान चलाया गया। श्रमदानियों ने नदी तथा उसके आसपास जमा कचरे को साफ कर जल स्रोतो के आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति