तेजस्वी यादव ने बांका जिले में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए

बांका
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बांका जिले में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि मौजूदा समय में भारत पाकिस्तान को करारा जवाब दे रहा है। विपक्ष पूरी तरह से सरकार और देश के साथ खड़ा है। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी दलों को एकजुट होकर देशहित में काम करना चाहिए। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल देश की रक्षा में दिन-रात लगे हैं। ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े रहें।
प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने बौसी थाना क्षेत्र की हालिया दुखद घटना पर भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे उस युवक के परिजनों से मिलने आए हैं जिसकी मौत बारात ले जाने के दौरान बस के ऊपर से गुजरे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आकर हो गई थी। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को तत्काल बिजली के तारों की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो सैनिक लड़ाई के दौरान शहीद होते हैं, उनके साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। इस विषय में उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा है। देश की सुरक्षा में लगे हर जवान का सम्मान समान रूप से होना चाहिए। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
पहलगाम हमले पर तेजस्वी यादव ने कहा कि देश जानना चाहता है कि आखिर वह घटना कैसे हुई और किन खामियों की वजह से इतना बड़ा नुकसान हुआ। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठाता रहा है, लेकिन सरकार ने अभी तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
बिहार की समस्याओं पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी और पलायन को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में फैक्ट्रियां और निवेश की कमी के कारण युवाओं को रोजगार के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के कारण भी लोग बाहर जाने को मजबूर हैं। पिछले 20 साल से बिहार में एक ही व्यक्ति मुख्यमंत्री है और केंद्र में भाजपा को 11 साल हो गए, लेकिन बिहार में कोई ठोस विकास नहीं हुआ। अब जनता जागरूक हो चुकी है और बदलाव चाहती है।

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