जिले भर राशन दुकानों में हट जाएंगे 1.20 लाख नाम, हितग्राहियों को नहीं मिलेगा रियायती अनाज

छिंदवाड़ा

 प्रदेश सरकार की राशन हितग्राहियों पर लागू ईकेवायसी योजना से जिले भर में करीब 1.20 लाख लोगों के नाम हट जाएंगे। अब तक 90 फीसदी हितग्राहियों की ईकेवायसी कराने में खाद्य आपूर्ति विभाग सफल रहा है। शेष 10 फीसदी में ऐसे लोग शामिल है जो मृत हो चुके है या फिर शहर व गांव से पलायन कर गए हैं। फिर भी इन्हें एक और मौका 31 मई तक दिया गया है।

पिछले दो माह से नगर निगम से लेकर पंचायत तथा खाद्य आपूर्ति विभाग में राशन हितग्राहियों की ईकेवायसी होती रही। छिंदवाड़ा जिले के 13.45 लाख राशन हितग्राहियों में से आज तक 12.25 लाख हितग्राहियों की ईकेवायसी हो चुकी है। शेष 1.20 लाख की आबादी की ईकेवायसी शेष है। इनमें से कुछ लोग मृत हो चुके है, नौकरी के चक्कर में पलायन कर चुुके है, कुछ घर से बाहर जा चुके हैं। इन लोगों के नाम अब राशन पोर्टल से अपने आप कट जाएंगे। इनके नाम से अब तक कुछ परिवार राशन ले रहे थे, उन्हें इससे वंचित होना पड़ेगा।
अपात्रों के चक्कर में आठ माह से पर्ची बंद

सरकार ने अपात्रों के चक्कर में आठ माह से पात्रता पर्ची जारी करना बंद कर दी है। इस समय छिंदवाड़ा-पांढुर्ना जिले में करीब 15 हजार से ज्यादा आवेदन पैंडिंग है। जब तक सर्वेक्षण में अपात्रों के नाम नहीं हटाए जाएंगे, तब तक पात्र हितग्राहियों के नाम नहीं जुड़ेंगे। दरअसल केन्द्र सरकार की ओर से मप्र में राशन का कोटा बढ़ाए जाने से मना कर दिया गया है।

तीन बार बढ़ाई ईकेवायसी कराने की तिथि

राज्य शासन ने राशन दुकानों से अपात्रों के नाम हटाने ईकेवायसी योजना लागू की। पहले इसकी अवधि 30 अप्रेल तय की थी। उसके बाद उसे 15 मई तक किया गया। अब इस तिथि को पुन: आगे बढ़ाते हुए 31 मई तक कर दिया गया है।
राशन दुकानों से हटाए 18 हजार अपात्रों के नाम

इधर, नगर निगम और पंचायतों की ओर से अब तक अपात्र 18473 लोगों के नाम हटा दिए हैं। आगे और भी हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले छिंदवाड़ा जिले की राशन दुकानों में प्राथमिक श्रेणी के करीब 13.62 लाख लोग रियायती अनाज पा रहे थे। उन्हें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल प्रति सदस्य के हिसाब से वितरण हो रहा था। अपात्रों के नाम हटाने से उनकी संख्या कम हो गई है।
16 तारीख तक थी राशन वितरण में समस्या

इस माह मई की 16 तारीख तक राशन वितरण में समस्या थी। इसके चलते राशन दुकानें नहीं खुल पाई। इसका कारण यहीं ईकेवायसी थी। फिलहाल 91 फीसदी राशन दुकानों में रियायती अनाज वितरण शुरू हो गया है। अब अगले माह से सरकार स्मार्ट राशन वितरण प्रारंभ करने जा रही है। जिसमें राशन दुकानों की पीएसओ मशीन में जिस व्यक्ति का नाम होगा, उसे ही रियायती अनाज दिया जाएगा।
इनका कहना है…

जिले की राशन दुकानों के हितग्राहियों की 90 फीसदी ईकेवायसी हो गई है। करीब 1.20 लाख लोग अभी भी ईकेवायसी नहीं करा पाए है। उन्हें 31 मई तक एक और मौक ा दिया गया है। इसी तरह अब तक 18473 अपात्र नाम हटाए गए हैं।
-गंगा कुमरे,जिला आपूर्ति अधिकारी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति