एस. जयशंकर ने जर्मनी की यात्रा के दौरान एक कड़ा दिया संदेश, भारत कभी भी परमाणु धमकियों के आगे नहीं झुकेगा

नई दिल्‍ली
कांग्रेस ने शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर का पूरा समर्थन किया, जिन्होंने जर्मनी की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि 'भारत कभी भी परमाणु धमकियों के आगे नहीं झुकेगा' और 'पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय आधार पर मुद्दों को सुलझाएगा।' जयशंकर के 'दृढ़ कूटनीतिक लहजे' की पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने तारीफ की है।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बातचीत में बयान का स्वागत करते हुए कहा, “बिल्कुल सही। हम हमेशा से यह अधिकार रखते आए हैं, और मैं यह भी उम्मीद करता हूं कि जब हम जर्मनी जैसे देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं, तो हम पाकिस्तान के खिलाफ भी उनका समर्थन मांगें। पाकिस्तान क्या करता है, उसकी अर्थव्यवस्था कैसी है, यह उनकी चिंता है। हमने हमेशा कहा है कि हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि पिछले 30-35 सालों से पाकिस्तान ने जिस तरह से आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, वह पूरी तरह से आपराधिक कृत्य है, मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने कहा, “इन देशों को भी पाकिस्तान को एक 'धूर्त राष्ट्र' के रूप में पहचानना चाहिए और उसके अनुसार काम करना चाहिए।”
इंडिगो विमान की आपातकालीन लैंडिंग की इजाजत न दिए जाने की भी कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने निंदा की। उन्होंने कहा, "अगर देश को ऐसी जरूरत थी तो कोई भी देश हो, उसको सामने आना चाहिए। लड़ाइयां सरकारों से होती हैं। मानवता को आगे रखना चाहिए। कई बार ऐसा हुआ है कि इमरजेंसी लैंडिंग हुई है, कई बार ऐसे देशों में लैंडिंग हुई है जिनसे कोई संबंध नहीं हैं। लड़ाई आपकी देश और फौज से होती है, सरकार से होती है। अगर पाकिस्तान ने ऐसा किया है तो वह निंदनीय है।"
बता दें, 21 मई को मौसम खराब के कारण दिल्ली से श्रीनगर जा रहे विमान ने इमरजेंसी लैंडिंग के लिए पाकिस्तान के एटीएस से बात की थी लेकिन उन्होंने हवाई जहाज को अपने क्षेत्र में उतरने की इजाजत नहीं दी।
दीक्षित ने तिरंगा यात्रा के सवाल पर कहा कि भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के लिए तिरंगा यात्राओं को निकाला जाना बहुत अच्छी बात है। इसमें लोगों में एक अच्छा संदेश जाता है।
वहीं, नीति आयोग की बैठक के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कोई न कोई थीम देते रहते हैं, इसमें मुझे कोई बहुत बड़ी चीज दिखती नहीं है, उस थीम का होता क्या है यह पता नहीं चलता। आत्मनिर्भर भारत दिया, हमारे एक्सपोर्ट के घाटे बढ़ते जा रहे हैं। आपने स्किल इंडिया की बात की, नौकरी किसी को मिल नहीं रही है, आपने ऐसे तमाम 50 चीज की इन स्लोगन का क्या मतलब होता है जो आगे हम यह कहानी कितने दिन तक सुनते रहेंगे।

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