दिल्ली हवाई अड्डे पर तेज बारिश और आंधी के कारण टर्मिनल के बाहर छत का एक हिस्सा यानी ओवरहैंग नीचे गिर गया

नई दिल्ली
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के टर्मिनल-1 पर अचानक एक हादसा हो गया। तेज बारिश और आंधी के कारण टर्मिनल के बाहर छत का एक हिस्सा यानी ओवरहैंग नीचे गिर गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें देखा जा सकता है कि ओवरहैंग का एक बड़ा टुकड़ा फुटपाथ पर गिरा पड़ा है और चारों ओर पानी ही पानी भरा है। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है लेकिन इससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया। तेज आंधी और बारिश के कारण हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट से जारी बयान के अनुसार, 24 मई की रात हुई भारी बारिश और तेज हवा की वजह से कुल 49 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया। इनमें से 17 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि मौसम की मार से प्रभावित ऑपरेशनों को सामान्य करने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई और ग्राउंड स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई।

80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 81.2 मिमी बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार रात 11:30 बजे से रविवार सुबह 5:30 बजे तक राजधानी में 81.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। हवाओं की रफ्तार 82 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे पेड़ और अस्थायी ढांचे गिर गए। दिल्ली एयरपोर्ट के मुताबिक, यह बारिश अचानक और बहुत तीव्र थी जो महज 30 से 45 मिनट के भीतर हुई। तेज बारिश के कारण टर्मिनल-1 अराइवल फोरकोर्ट पर लगे बाहरी तन्यता कपड़े (टेंशन फैब्रिक स्ट्रक्चर) का एक हिस्सा दबाव के कारण ढह गया, जिससे पानी फैलाने में मदद मिल सकी। एयरपोर्ट प्रशासन ने साफ किया है कि टर्मिनल के अन्य हिस्सों पर कोई नुकसान नहीं हुआ है।

जलभराव और ट्रैफिक ने शहर को रोका
तेज बारिश के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में भीषण जलभराव देखने को मिला। सड़कें पानी में डूबी हुई थीं और कई जगहों पर वाहन धीमे चलते नजर आए। मिंटो रोड जैसे इलाकों से तस्वीरें आईं जिनमें एक कार पानी में डूबी नजर आ रही थी। ट्रैफिक पुलिस को कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। तेज आंधी और बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। कुछ जगहों पर घंटों तक लाइट नहीं आई। अधिकारियों ने बताया कि बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने और तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई, जिसे जल्दी ठीक कर लिया गया।

पहले भी आया था मौसम का झटका
इससे पहले बुधवार को भी दिल्ली के ऊपर बादलों का एक घना समूह मंडराया था और तेज धूल भरी आंधी के साथ-साथ हल्की बारिश भी हुई थी। हवाओं की रफ्तार तब भी 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी जिससे कुछ इलाकों में पेड़ गिरे और बिजली गुल हो गई थी।
दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में टर्मिनल स्ट्रक्चर ने सामान्य प्रक्रिया के तहत पानी के दबाव को सहा और जहां भी आवश्यकता पड़ी, वहां क्षति को रोकने के लिए बनावट ने खुद को समायोजित किया। साथ ही, टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एयरपोर्ट पर सामान्य स्थिति बहाल कर दी ताकि यात्रियों को अधिक परेशानी न हो।

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