बजरी माफिया का आतंक, पुलिस जवान पर चढ़ाया वाहन, हालत गंभीर

जोधपुर

जोधपुर में अवैध बजरी खनन और परिवहन को लेकर प्रशासनिक सख्ती के बावजूद बजरी माफिया का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना में बजरी से भरा एक डंपर पुलिस से बचने के प्रयास में पुलिस जवान के ऊपर चढ़ गया। यह हादसा सरदार समद रोड क्षेत्र में हुआ, जहां लूणी थाना पुलिस अवैध डंपर को रोकने के लिए नाकाबंदी कर रही थी।
 
जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब लूणी थाना क्षेत्र के खेजड़ली के पास पुलिस की टीम नाकाबंदी कर रही थी। एसीपी बोरानाडा आनंद सिंह के अनुसार, एक संदिग्ध डंपर को देखकर पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और डंपर को लेकर भागने लगा। पुलिस ने लगभग एक किलोमीटर तक उसका पीछा किया। गुलजी की प्याऊ के पास वह एक संकरी सड़क पर मुड़ गया और वहीं बीच सड़क पर डंपर से बजरी खाली करने लगा।
 
जैसे ही पुलिस जवान सुनील खिलेरी डंपर के पास पहुंचे, चालक ने अचानक वाहन को तेज गति से भगाया और इसी दौरान डंपर पुलिस जवान पर चढ़ गया। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए सुनील को तुरंत मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
 
यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर संकेत है कि किस प्रकार अवैध बजरी माफिया कानून की धज्जियां उड़ाते हुए न केवल प्राकृतिक संसाधनों की लूट में लगे हैं, बल्कि पुलिस बल पर भी हमला करने से नहीं चूक रहे। इससे पहले भी जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में बजरी से भरे डंपरों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस कर्मियों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
 
एसीपी आनंद सिंह ने बताया कि इस घटना के बाद डंपर चालक की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस की टीमें विभिन्न इलाकों में छापामारी कर रही हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
 
माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठ रही मांग
यह घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस महकमे में रोष है। मथुरादास माथुर अस्पताल के बाहर पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती है और आला अधिकारी खुद मौके की निगरानी कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने मांग की है कि इस प्रकार के माफिया तंत्र के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
 
राजस्थान में विशेषकर जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र में अवैध बजरी खनन पिछले कुछ वर्षों से बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इसके पीछे राजनीतिक, आर्थिक और आपराधिक गठजोड़ की भी आशंका जताई जाती रही है।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति