पाकिस्तान में तूफान के बीच हवा में झूलने लगा विमान! रोने-बिलखते यात्री पढ़ने लगे कुरान की आयतें

इस्लामाबाद
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शनिवार शाम आए भीषण तूफान और भारी बारिश ने न केवल जमीनी तबाही मचाई, बल्कि आसमान में उड़ते एक विमान के यात्रियों को भी दहशत में डाल दिया। कराची से लाहौर आ रही एक निजी विमानन कंपनी की उड़ान FL-842  खराब मौसम के कारण **लाहौर एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकी  जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। विमान जब लाहौर के आसमान में तेज़ हवा और बिजली की गर्जन के बीच झूलने लगा, तो घबराए यात्रियों ने कुरान की आयतें पढ़नी शुरू कर दीं। कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें यात्री प्रार्थना करते और रोते हुए दिख रहे हैं।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने हालात को भांपते हुए पायलट को  वापस कराची लौटने का निर्देश  दिया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ जब पंजाब प्रांत में तेज आंधी और भारी बारिश से 20 लोगों की मौत और 150 से अधिक के घायल होने की पुष्टि सरकार द्वारा की गई है।  लाहौर, झेलम, सियालकोट, मुजफ्फरगढ़ समेत 15 से अधिक शहरों में मकान ढहने, पेड़ गिरने और बिलबोर्ड गिरने से जनहानि हुई। वहीं, इस्लामाबाद और खैबर पख्तूनख्वा में भी ओलावृष्टि और तेज हवा ने फसलों और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति