जमीन के विवाद में पूर्व प्रधान और उनके बेटे की फावड़े प्रहार कर हत्या

फिरोजाबाद

फिरोजाबाद के टूंडला में जमीन विवाद को लेकर पूर्व प्रधान और उनके बेटे की दिन दहाड़े गांव के ही लोगों ने फावड़ा से प्रहार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भिजवा दिया। दोहरे हत्याकांड की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पिता-पुत्र की हत्या से गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। मृतक पूर्व प्रधान इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव के चाचा थे।

गांव के ही हुब्बलाल यादव से था जमीन विवाद
थाना नगला सिंघी के गांव टीकरी निवासी पूर्व प्रधान अरविंद यादव (55) का गांव के ही हुब्बलाल यादव से जमीन विवाद चला आ रहा है। इसको लेकर मामला तहसील न्यायालय में चल रहा था। 20 मई को एसडीएम अनुराधा सिंह के आदेश पर तहसीलदार राखी शर्मा ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर जमीन की नापतौल की थी।

रविवार शाम 4:30 बजे के करीब पूर्व प्रधान अरविंद यादव अपने दूसरे नंबर के पुत्र नितिन यादव (27) के साथ खेत जुतवाने के लिए गए थे। तभी हुब्बलाल यादव उसके पक्ष के लोग आ गए। उन्होंने खेत जोतने का विरोध करते हुए पिता-पुत्र पर फावड़े से हमला कर दिया। हमले में सिर में फावड़ा लगने और गर्दन कटने से पिता-पुत्र की मौके पर मौत हो गई।

पिता-पुत्र की दिनदहाडे़ हत्या
हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पिता-पुत्र की दिनदहाडे़ हुई हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही एसएसपी सौरभ दीक्षित, एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पिता-पुत्र के शवों को पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भिजवा दिया।

चुपके से हत्यारोपियों के पिता ने बेच दी थी जमीन, बेटों ने किया था विरोध
पूर्व प्रधान और उनके बेटे की हत्या के पीछे गांव का जमीन विवाद था। पूर्व प्रधान ने गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन का बैनामा करा लिया था। जमीन बेचकर दो पुत्रों के साथ पिता गांव छोड़कर चला गया था। वहीं, उसके दो पुत्रों ने विरोध किया था। इतना ही नहीं डेढ़ दशक बाद भी जमीन को जोतने नहीं दिया था। प्रशासन द्वारा कब्जा दिलाने के बाद पिता-पुत्र जमीन जोतने पहुंचे तो उनकी हत्या कर दी गई।
 
थाना नगला सिंघी के गांव टीकरी निवासी साहब सिंह यादव ने करीब 15 वर्ष पूर्व अपने ही दो पुत्रों से परेशान होकर 14 बीघा जमीन को गांव के ही पूर्व प्रधान अरविंद यादव को बेच दिया था। यह जमीन गांव से करीब दो किलोमीटर दूर गांव प्रेमपुर में स्थित है। जमीन बेचने के बाद वह गांव में अपने दो पुत्र हुब्बलाल यादव और देवेंद्र यादव को छोड़कर, दो पुत्र जितेंद्र यादव व नरेंद्र यादव को साथ लेकर गांव छोड़कर चले गए थे।

 चोरी छिपे बैनामा होने पर हुब्बलाल, देवेंद्र और उसके परिजन पूर्व प्रधान अरविंद यादव के परिवार से दुश्मनी मानने लगे थे। इतना ही नहीं उन्होंने अरविंद यादव को तब से अब तक जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया था। अरविंद यादव ने कई बार पुलिस बल के साथ खेत जोतने पहुंचे, लेकिन उन्होंने उन्हें कभी भी खेती नहीं करने दी।
 
20 मई को तहसील प्रशासन व पुलिस बल ने पहुंचकर जमीन की नापतौल करते हुए कब्जा दिलवा दिया था। इसके उपरांत जब अरविंद यादव व उनके पुत्र नितिन यादव खेत जुतवाने रविवार को पहुंचे तो हुब्बलाल, भोला, विपिन, रवि, मनीष, सनी व अन्य ने उनकी हत्या कर दी। एसएसपी ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं।

 आरोपियो की धमकियों से टूंडला में रहने लगे थे पूर्व प्रधान
आरोपी हुब्बलाल व पूर्व प्रधान अरविंद यादव का घर गांव में पास-पास हैं। जमीन लेने के बाद रंजिश के चलते अरविंद यादव ने गांव छोड़कर टूंडला के हाइवे रिजेंसी में घर बना लिया था। वह परिवार के साथ टूंडला ही रह रहे थे। गांव में केवल खेती कराने के लिए ही जाते थे। रविवार को भी वे पुत्र नितिन के साथ टूंडला से खेत जुतवाने के लिए गए थे।
 
पूर्व प्रधन के पुत्र नितिन की तीन माह पूर्व हुई थी शादी
जमीन विवाद में मारे गए पूर्व प्रधान अरविंद यादव के पुत्र नितिन यादव की शादी बीते फरवरी माह में हुई थी। घटना की जानकारी से परिवार में चीख पुकार मच गई। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव में दहशत ऐसी है कि कोई भी ग्रामीण आरोपियों के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं था। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पीएसी व पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

सड़क किनारे की घटना को देखते रहे ग्रामीण, कोई बचाने नहीं पहुंचा
हाईवे से बनकट होते हुए नगला सिंघी जाने वाले मार्ग किनारे दिनदहाड़े पिता-पुत्र की हत्या होते हुए तमाम लोगों ने देखा, किंतु घटना के दौरान किसी ने भी उन्हें बचाने का प्रयास नहीं किया। जबकि कुछ किसान पास ही खेतों से चारा काट रहे थे। लोगों में खौफ ऐसा था कि किसी ने पुलिस को सूचना देना तो दूर पुलिस पूछताछ में भी किसी ने घटना की जानकारी देने की हिम्मत तक नहीं दिखाई।

जमीन को लेकर दोनों पक्षों में कई बार हुआ झगड़ा
पूर्व प्रधान व उनके बेटे की हत्या से पूर्व लगभग हर साल हत्यारोपियों से विवाद हुआ था। कई बार मुकदमे भी दर्ज हुए थे। विवादों को सुलझाने के लिए पुलिस ने भी कई बार प्रयासा किया, किंतु हुब्बलाल पक्ष बिना जमीन के तैयार नहीं हुआ। वहीं पूर्व प्रधान ने भी बैनामा होने पर जमींन देने से इनकार कर दिया।

 जमीन विवाद में तहसील और पुलिस की टीम ने 20 मई को पूर्व प्रधान अरविंद पक्ष को कब्जा दिलाया था। रविवार को पहली बार वह खेती करने पहुंचे थे। इस दौरान हुब्बलाल पक्ष हमलावर हो गया और पिता-पुत्र की हत्या कर दी। पुलिस जांच में जुटी है। -सौरभ दीक्षित, एसएसपी, फिरोजाबाद

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