इंग्लैंड : लिवरपूल में फुटबॉल की विक्ट्री परेड में शख्स ने भीड़ को कार से रौंदा; कई घायल

लंदन
 ब्रिटेन के लिवरपूल शहर में फुटबॉल प्रीमियर लीग की खिताबी जीत का जश्न मना रही भीड़ को कार ने रौंद दिया, जिसमें 47 लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चार बच्चे हैं। ब्रिटिश मीडिया आउटलेट द सन ने बताया कि 27 घायलों को चार अस्पतालों में भर्ती किया गया है, जिनमें दो को गंभीर चोटें आई हैं। 20 लोगों को घटनास्थल पर ही इलाज किया गया। पुलिस ने कहा है कि यह आतंकवादी हमला नहीं था। पुलिस ने इसे आतंकवादी घटना नहीं कहा है और वे जांच में किसी और की तलाश नहीं कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि लिवरपूल के ही एक 53 वर्षीय गोरे व्यक्ति को घटनास्थल से गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि वह कार चालक है। मर्सीसाइड पुलिस की सहायक पुलिस कांस्टेबल जेनी सिम्स ने कहा, 'हमारा मानना है कि यह एक अलग घटना है और हम फिलहाल इसके संबंध में किसी और की तलाश नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'इस घटना को आतंकवाद नहीं माना जा रहा है।'

कैसे हुई घटना?

लिवरपूल शहर के केंद्र में वाटर स्ट्रीट पर लिवरपूल फुटबॉल क्लब के प्रीमियर लीग का खिताब जीतने का जश्न मनाया जा रहा था। उसी दौरान एक कार भीड़ में घुस गई और सड़क पर जश्न मना रहे लोगों को रौंद दिया। घटना शाम 6 बजे के बाद हुई, जब विजय परेड समाप्त होने वाली थी। घटना के बारे में 6 बजकर 7 मिनट पर कॉल आई, जिसके बाद एयर एंबुलेंस समेत आपातकालीन सेवाएं शहर के केंद्र में स्थित वाटर स्ट्रीट पर पहुंच गईं। फायर टीम ने पाया कि चार लोग गाड़ी के नीचे फंसे हुए थे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। उन्हें निकालने के लिए तेजी से काम किया गया।
20 मीटर तक रौंदते चली गई कार

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब 20 मीटर तक घसीटने के बाद कार रुक गई, जिसके बाद भीड़ ने वाहन पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ की। पुलिस जब आरोपी चालक को वैन में बैठाकर ले जा रही थी, उस दौरान भी भीड़ ने उस तक पहुंचने की कोशिश की। नॉर्थ वेस्ट एंबुलेंस सर्विस ने घोषणा की कि रात 9.30 बजे सड़क को साफ कर दिया गया था। मर्सीसाइड पुलिस जांच का नेतृत्व कर रही है।

पीएम स्टार्मर ने जताया दुख

प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, लिवरपूल में दृश्य भयावह हैं- मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जो घायल का प्रभावित हुए हैं। बाद में उन्होंने लिवरपूल में आपातकालीन सेवाओं के उल्लेखनीय साहस की तारीफ की और कहा, 'हर किसी को विशेष रूप से बच्चों को इस भयावहता के बिना अपने नायकों का जश्न मनाने में सक्षम होना चाहिए।'

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