मौसम विभाग ने कहा- अगले दो दिनों में मॉनसून और तेजी से उत्तर और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा, अगले 48 घंटे 6 राज्यों पर भारी

नई दिल्ली 
देश में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है और अब यह महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में मॉनसून और तेजी से उत्तर और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा।

पूर्वी तट के पास बंगाल की खाड़ी में एक अच्छा खासा निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, जो अगले 24 घंटों में एक डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके चलते ओडिशा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि यह प्रणाली उत्तर की ओर बढ़ेगी और इससे आने वाले दिनों में और भी राज्यों में व्यापक वर्षा हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 और 30 मई को बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी जोरदार बारिश के आसार हैं।

इन राज्यों में खूब बरसेंगे बादल
केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी मौसम का मिजाज उग्र बना हुआ है। 28 से 30 मई के दौरान इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में कई जगहों पर पिछले 24 घंटों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में भी आंधी-बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, कोंकण और गोवा में 2 जून तक व्यापक वर्षा हो सकती है। गुजरात के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जो 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकती हैं।

गरज-चमक के साथ चलेंगी तेज हवाएं
उत्तर भारत के हालात की बात करें तो राजधानी, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तराखंड में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर में 28 से 31 मई तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 मई को तेज हवाओं की गति 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। राजस्थान में एक ओर जहां पश्चिमी हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, वहीं पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश और धूलभरी आंधी के आसार हैं। बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। लू से बचने के लिए लोगों को दोपहर में घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति