मध्यप्रदेश पुलिस का सृजन कार्यक्रम, बाल सुरक्षा, आत्मरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक अभिनव पहल

भोपाल 
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल संरक्षण, आत्मरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में संचालित सृजन कार्यक्रम ने एक नई मिसाल कायम की है। सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र के झुग्गी बस्तियों में निवासरत किशोर बालक-बालिकाओं के लिये सृजन कैंप किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें गुड टच-बैड टच, महिलाओं पर होने वाले घरेलू एवं यौन हिंसा की रोकथाम, बाल अधिकारों, आत्मरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है।

सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में किशोर सशक्तिकरण के लिये विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं। भोपाल, ग्वालियर, बड़वानी, राजगढ़, खंडवा, शिवपुरी सहित अन्य जिलों के थाना क्षेत्रों में हुए इन शिविरों में सैकड़ों किशोर-किशोरियों ने सहभागिता की। यह पहल पुलिस विभाग के साथ सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से संभव हो पा रही है, जिसमें अमृता सेवा संस्था, अहिंसा वेलफेयर सोसायटी, युवा विकास मंडल, विकास संवाद, साथिया वेलफेयर सोसायटी, कृषक संस्थान, मुस्कान, वन स्टॉप सेंटर, प्रदीपन और अन्य संगठनों ने सक्रिय सहभागिता निभाई है।

कार्यक्रमों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई, जिसमें पुलिस विभाग के प्रशिक्षकों गोविंद सर, अनुज तोमर, योगेश और अभिषेक द्वारा पंचिंग, साइड किक, यूनिफाइड एक्शन कॉम्बैट सहित विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया गया। संवाद कौशल, नेतृत्व विकास, प्रेरणा और आत्म-अभिव्यक्ति पर आधारित सत्र भी किए गए।

इन जिलों में चलाए जा रहे हैं सृजन कार्यक्रम
रायसेन जिले के राहुल नगर क्षेत्र में चल रहे 18 दिवसीय सृजन कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेष संवाद सत्र में उप महानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग) श्री विनीत कपूर उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में कुछ बनने के लिए अनुशासन और सीखने की ललक जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन कृषक सहयोग संस्थान द्वारा किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पांडे और एएसपी श्री कमलेश खरपूसे की उपस्थिति में बच्चों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

खंडवा जिले के ग्राम सिरपुर में उदय सामाजिक विकास संस्था के सहयोग से सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 98 बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर आरक्षक योगेश और अभिषेक, यूनिट डायरेक्टर अन्ना तिर्की, खालेदा सैयद, बाल कल्याण समिति की पूर्व सदस्य मोना दफ्तरी और सिरपुर यूनिट के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किशोर न्याय अधिनियम, पोक्सो अधिनियम, बाल श्रम और बंधुआ मज़दूरी के विषय में जानकारी दी गई। मोना दफ्तरी ने बच्चों को अपने अंदर के हुनर को पहचान कर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। आत्मरक्षा सत्र में ब्लॉकिंग, पंचिंग और शारीरिक बचाव के तकनीकी अभ्यास भी कराए गए।

भोपाल के चूनाभट्टी क्षेत्र में बचपन संस्था द्वारा किशोरों के लिए पोषण और स्वास्थ्य पर एक महत्वपूर्ण सत्र किया गया। एफपीएआई की परामर्शदाता संगीता गौर ने बताया कि किशोरावस्था में पोषक तत्वों से भरपूर आहार जैसे प्रोटीन, विटामिन, वसा आदि क्यों आवश्यक हैं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि किस प्रकार संतुलित आहार मानसिक और शारीरिक विकास में सहायक होता है। पुलिस लाइन से जुड़े वालंटियर्स आकाश और गौरव प्रजापति ने आत्मरक्षा की उन्नत तकनीकों का अभ्यास कराया। उप निरीक्षक रितुराज और मुस्कान संस्था की सीमा दीदी ने किशोरों से जीवन के उद्देश्यों, चुनौतियों और उनके समाधान पर संवाद किया। बच्चों ने कविता, गीत और परिचय के माध्यम से अपने विचार साझा किए।

भोपाल के ही अयोध्या नगर में मीत संस्था के सहयोग से स्काउट गाइड प्रशिक्षक बी.एल. शर्मा और जानकी सिंह द्वारा प्राथमिक उपचार, गर्मी से बचाव और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के उपायों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

बैतूल जिले में प्रदीपन संस्था द्वारा सृजन कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री निश्चल झारिया के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी की उपस्थिति में हुआ। प्रदीपन संस्था, साथिया वेलफेयर सोसायटी और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से इस कार्यक्रम में 120 बच्चों तथा उनके पालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के प्रति बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया।

विगत दस दिनों में प्रदेश के 16 जिलों में कुल 22 स्थानों पर सृजन कार्यक्रम हुए। यह कार्यक्रम सिंगरौली में अमृता सेवा संस्था, आगर जिले में अहिंसा वेलफेयर सोसायटी, राजगढ़ जिले में युवा विकास मंडल द्वारा, शिवपुरी के पौहरी थाना अंतर्गत विकास संवाद संस्था तथा पिछोर थाना क्षेत्र में कदम जन विकास संस्था, रायसेन के साँची थाना में समर्थ संस्था तथा कोतवाली थाना अंतर्गत कृषक संस्था, शाजापुर के सुजालपुर थाना क्षेत्र में साथिया वेलफेयर सोसायटी, छिंदवाड़ा के एसपी कार्यालय में प्रदीपन संस्था, मंदसौर की सिटी कोतवाली थाना में उड़ान संस्था और ग्वालियर के बिजौली थाना में हार्टबीट संस्था, बड़वानी में आस संस्था द्वारा दिशा लर्निंग सेंटर, सागर के कैंट थाना क्षेत्र में युवा विकास मंडल और देवास के पीपलरावा थाना क्षेत्र में जन साहस संस्था द्वारा सृजन कार्यक्रम हुए। सैकड़ों किशोरों को नई दिशा, नई सोच और आत्मबल प्रदान किया गया। 

सृजन कार्यक्रम न केवल बच्चों को आत्मरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक बना रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य को नई दिशा भी दे रहा है। शिवपुरी, खंडवा और राजगढ़ में समाज के हाशिए पर रह रहे डीएनटी समुदाय एवं शिक्षा से वंचित किशोरों की भागीदारी उल्लेखनीय रही।

 

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