मध्य प्रदेश के सीहोर में ‘गोरी चले गांव’ रियलिटी शो की होगी शूटिंग

भोपाल
लोकप्रिय टीवी रियलिटी शो बिग बास का ग्रामीण संस्करण बनाया जा रहा है। इसे सीहोर जिले के एक गांव में शूट किया जाएगा। जीटीवी के इस शो की शूटिंग अगले सप्ताह से शुरू होगी। अस्थायी रूप से "गोरी चले गांव" शीर्षक से प्रसारित होने वाले इस शो का प्रारूप अलग होगा। यह महिला केंद्रित होगा, इस प्रारूप में शहरी, आलीशान जीवनशैली वाली प्रतिभागियों को पूरी तरह से ग्रामीण परिवेश में रखा जाएगा, जहां उन्हें गांव के जीवन के अनुकूल होना होगा। इस शो का निर्माण बनिजय एशिया (Banijay Asia) द्वारा किया जा रहा है, जो कलर्स टीवी के लिए बिग बास और खतरों के खिलाड़ी शो के निर्माता है।
 
कैसा होगा यह रियलिटी शो?
सेलिब्रिटियों को रोजमर्रा के काम करने होंगे। शारीरिक श्रम से लेकर गायों का दूध दुहने और भारी वजन उठाने तक। इस शो में प्रतिभागियों को ग्रामीण जीवन की सादगी और संघर्षों का अनुभव करने और उससे बचने की चुनौती दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार गोरी के घर में 15 महिलाएं रहेंगी। इनमें अभिनेत्री और इंटरनेट मीडिया स्टार सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। शूटिंग का पहला चरण करीब तीन महीने तक चलेगा। इसके लिए बिग बास की तरह एक घर गांव में बनाया जा रहा है।

जल्द घोषित होगी शो की लॉन्चिंग डेट
शो की लांच डेट जल्द ही घोषित की जाएगी। होस्ट का चयन अभी होना बाकी है, पर संभावना है कि रणविजय इसे होस्ट कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि यह शो एक अनूठा और आकर्षक रियलिटी अनुभव प्रदान करेगा। यह ना केवल मनोरंजन होगा, बल्कि एक सांस्कृतिक अन्वेषण भी जो शहरी-ग्रामीण विभाजन को पाटता है। आगामी शो को जी मराठी पर प्रसारित होने वाले लोकप्रिय मराठी रियलिटी शो जौ बाई गावत से प्रेरित बताया जा रहा है।

सामाजिक प्रयोग होगा ये रियलिटी शो
यह शो एक सामाजिक प्रयोग है जो सर्वाइवल रियलिटी शो से मिलता-जुलता है। गोरी चले गांव में 15 शहरी महिला हस्तियों को एक पारंपरिक भारतीय गांव में छोड़ा जाएगा। जहां उन्हें स्थानीय लोगों की तरह रहने का काम सौंपा जाएगा। कोई फोन नहीं, कोई सहायक नहीं, कोई वैनिटी वेन नहीं। प्रतियोगी चूल्हे पर खाना बनाएंगे, कुंए से पानी लाएंगे, खेतों और भारतीय पारंपरिक ग्रामीण घरों में होने वाले दैनिक काम करेंगे। बता दें, बिग बास में "हाउसमेट्स" कहे जाने वाले प्रतियोगी एक विशेष रूप से निर्मित घर में एक साथ रहते हैं जो बाहरी दुनिया से अलग-थलग है। हाउसमेट को साप्ताहिक आधार पर वोट दिया जाता है। घर में अंत तक जो एक व्यक्ति बचता है, वहीं विजेता बनता है और नकद पुरस्कार जीतता है।

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