गंगा दशहरा एवं पर्यावरण दिवस पर जनभागीदारी की अभिनव पहल

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जल गंगा सवर्धन अभियान के लक्ष्य 'जन सहभागिता से जल स्त्रोतों के संरक्षण' के संकल्प को साकार करते हुए जन अभियान परिषद् द्वारा गंगा दशहरा एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी अंचलो में विकासखण्ड स्तर पर चिन्हांकित 116 ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण बावडियों के आस-पास जन-सहभागिता से "बावडी उत्सव" मनाया जायेगा। इस उत्सव का उद्देश्य प्राचीन, ऐतिहासिक, जल संरक्षण संरचनाओं के महत्व के प्रति जन समुदाय को प्रेरित, प्रोत्साहित करना और जन-सहभागिता से ही इनके संरक्षण संवर्धन की पहल करना है।

राज्य शासन के जनभागीदारी से जल स्त्रोतों को सहेजने के उत्सव "जल गंगा संवर्धन अभियान" अंतर्गत जनभागीदारी से म.प्र. जन अभियान परिषद् समुदाय के साथ मिलकर भागीरथी प्रयासों का साक्षी बन रहा है। परिषद् ने अपनी बहुआयामी गतिविधियों से इस वर्ष बावडी के प्रति संवेदना और संरक्षण को रखा गया है। परिषद् ने प्रदेश की अनेक मृतप्राय और विलुप्त होती बावडियों को सफाई से जीवन्त किया है।

म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा "बावडी उत्सव" के अन्तर्गत बावड़ी के आस-पास होने वाले इन लोक उत्सवों के माध्यम से लोकजीवन में पारंपरिक जल स्त्रोतों के महत्व और उनके संरक्षण को आमजन तक पहुंचाने का अभिनव प्रयास किया गया है। यह उल्लास जल-स्त्रोतों के संरक्षण में जनभागीदारी का मूल मंत्र बने, इस दृष्टि से बावड़ी उत्सव आयोजित किया जा रहा है।

म.प्र. जनअभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत बावडी संरक्षण के साथ-साथ बावड़ियों के दस्तावेजीकरण के क्रम में परिषद द्वारा प्रदेश की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व की बावडियों पर आधारित प्रकाशन- "बूंद सहेजे बावडी" तैयार किया गया है।

बावडी उत्सव के अंतर्गत जन सहभागिता से बावडियों की सफाई, रंग-रोगन, साज-सज्जा, रोशनी एवं परम्परागत पूजा-अर्चना के साथ जल संरक्षण संगोष्ठी, स्थानीय कलाकारों द्वारा काव्य और संगीत की प्रस्तुतियां, बच्चों के लिये जल संरक्षण विषयक प्रतियोगिताएँ, पुरस्कार वितरण, जल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले स्थानीयजनों का सम्मान, ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी इत्यादि का आयोजन म.प्र. जन अभियान परिषद अपनी प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं, सीएमसीएलडीपी परामर्शदाता और छात्र एवं गांव-गांव तक फैले अपने नेटवर्क के माध्यम से कर रहा है

 

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