इंदौर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर सिर उठाता नजर आ रहा एक दिन में आये सात नए मरीज

इंदौर

मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर सिर उठाता नजर आ रहा है। बुधवार को शहर में सात नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इन मरीजों में से तीन हाल ही में मथुरा, केरल और बद्रीनाथ की यात्रा से लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लगातार सामने आ रहे नए मरीज

शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा फिर से मंडराने लगा है। बुधवार को जिन सात मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनमें से कई हाल ही में विभिन्न राज्यों से यात्रा करके लौटे हैं। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें भी आइसोलेट करने की तैयारी की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

संक्रमितों में महिलाएं और पुरुष, सभी होम आइसोलेशन में

अधिकारियों ने बताया कि मथुरा से लौटी 43 वर्षीय महिला, केरल से लौटी 69 वर्षीय महिला, बद्रीनाथ से लौटी 48 वर्षीय महिला, ओडिशा से लौटे 29 वर्षीय पुरुष और रायपुर से लौटे 36 वर्षीय पुरुष समेत इंदौर के दो पुरुषों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन सभी को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद जांच करवाई गई। सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनके परिजनों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

इंदौर में अब तक 33 मामले, सीएमएचओ ने दी सतर्कता की सलाह

इस वर्ष अब तक इंदौर में कोरोना के कुल 33 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 25 मरीज इंदौर के और आठ अन्य जिलों के हैं। फिलहाल शहर में 17 सक्रिय मरीज हैं जो सभी होम आइसोलेशन में हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कि हाल ही में कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट की सब-लाइनिज की पुष्टि हुई है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और लक्षण दिखने पर संपर्क में न आने की सलाह दी गई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बुधवार को विशेषज्ञों की बैठक कर छह बेड वाले आईसीयू वार्ड और ऑक्सीजन जैसी चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। कोरोना वार्ड में डॉक्टरों और स्टाफ की टीम तैनात रहेगी और मरीजों को समय पर जांच व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

 

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