सीआरपीएफ के जवानों ने किया वृक्षारोपण

गरियाबंद

 विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में 65 वीं वाहिनी CRPF के F/ समवाय कुल्हाड़ीघाट में वृक्षारोपण का कार्यक्रम रखा गया. इस दौरान जवानों ने वृक्षारोपण करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की कसम भी खाई.

बता दें, कुल्हाड़ीघाट एक अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. अक्सर यहां नक्सल गतिविधियां होती रहती है. इस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाये रखने में एफ/ समवाय का अहम योगदान जारी है.

65वीं वाहिनी समय-समय पर सिविक एक्सन प्लान, मुफ्त चिकित्सा शिविर और रोजगार मार्गदर्शन शिविर जैसे कई अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम कर लोगों को मुख्याधारा में जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.

आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 65वीं वाहिनी के सभी जवानों ने पर्यावरण संरक्षण का भी बीड़ा उठाया लिया है. उन्होंने शपथ ली है कि वे आजीवन पर्यावरण उत्थान के लिए निरंतर हर संभव प्रयास करते रहेंगे. इस कार्यक्रम के इस दौरान एफ/65 समवाय के सहायक समादेष्टा सुधीर कुमार, निरीक्षक लवकुश कुमार पाण्डेय और समवाय के सभी जवान उपस्थित रहे.

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति