सागर से लापता सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कुमार निगम को उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक होटल में मिले

सागर
 महार रेजीमेंट सेंटर (MRC) सागर में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कुमार निगम चार दिन से लापता थे। वे गुरुवार को मिल गए हैं। बताया जा रहा है कि कैंट थाना पुलिस और सेना विजिलेंस को वे यूपी के ललितपुर में मिले हैं, जहां वे एक होटल में किराए से कमरा लेकर रुके थे। पुलिस उन्हें सकुशल सागर ले आई है। उनके लापता होने से लेकर अब तक के बीच क्या हुआ इस मामले में उनसे पूछताछ चल रही है। सागर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने लेफ्टिनेंट कर्नल निगम के मिलने की पुष्टि की है।

मॉर्निंग वॉक पर निकले तो गायब

सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले महार रेजिमेंट सेंटर (MRC) में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कुमार निगम अचानक गायब हो गए थे। सेना ने पहले अपने स्तर पर उन्हें तलाश किया था। जब नहीं मिले तो शाम को कैंट थाने में इसकी सूचना देकर उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। लापता लेफ्टिनेंट कर्नल अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ गए थे। आशंका जताई जा रही थी कि उनके साथ कोई अनहोनी न घट गई हो! लेकिन भगवान का शुक्र रहा कि कोई घटना नहीं घटी।

एटीएम कार्ड के ट्रांजैक्शन से पकड़े गए

पुलिस को उनके एटीएम कार्ड से ललितपुर के एक इलाके में पैसे निकाले जाने की जानकारी मिली तो तत्काल पुलिस एक्शन में आ गई और टीम ललितपुर पहुंच गई। यहां थोड़ी मशक्कत के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल निगम एक होटल में मिल गए। वे उक्त होटल में किराए से कमरा लेकर रूके हुए थे। पुलिस अधिकारी और टीम उन्हें सकुशल सागर लेकर आ गई है। कैंट थाने में उनके साथ बीते चार दिन में घटी घटनाओं और उनके ललितपुर पहुंचने को लेकर पूछताछ कर रही है।

ललितपुर कैसे पहुंचा नहीं पता

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में शुरूआती तौर पर उन्होंने बताया है कि मुझे होश ही नहीं है कि मैं ललितपुर कैसे पहुंच गया। उनकी पत्नी सहित परिवार के सदस्य और सेना के अधिकारी कैंट थाने पहुंच गए हैं। लापता हुए निगम जिन कपड़ों में गायब हुए थे, वे उन्हीं कपड़ों में पुलिस को मिले हैं। पुलिस और सेना के अफसर उनके हर एंगल को ध्यान में रखते हुए पूछताछ कर रहे हैं।

गौरतलब है कि उन्हें खोजने के लिए सेना और पुलिस ने एमआरसी के आसपास के इलाके सहित कैंट थाना क्षेत्र के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। आर्मी इंटेलिजेंस और पुलिस भी सक्रिय थी। परिजन और सेना ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी उनको तलाशने का प्रयास किया था।

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