कटड़ा से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत की सुरक्षा करेंगे कमांडो, हाथों में मशीन गन, बुलेट प्रूफ जैकेट

श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। सालों का सपना आज पूरा हुआ। कटड़ा से श्रीनगर तक वंदेभारत दौड़ गई। अब यात्री कश्मीर से कन्याकुमारी तक ट्रेन से सफर कर सकेंगे। लेकिन लोगों को वंदे भारत में सफर के दौरान सुरक्षा की भी चिंता सता रही होगी। लेकिन इसके लिए आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। वंदे भारत को अभेद किले की तरह सुरक्षित किया गया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कमांडो CORAS को उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन पर वंदे भारत ट्रेनों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। उद्घाटन के दौरान कमांडो ट्रेन में मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर वंदे भारत ट्रेन में 15 कमांडो और एक पर्यवेक्षक मौजूद होंगे। इन इकाइयों को कश्मीर घाटी के बडगाम क्षेत्र तथा रियासी जिले के कटड़ा में तैनात होंगी।

7 जून से करें ट्रेन में सफर
उच्च जोखिम वाले सुरक्षा अभियानों, खासकर नक्सली उग्रवाद जैसे खतरों वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के बाद यह पहली बार है जब कोरस को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया है। उद्घाटन के बाद यात्री अब 7 जून से वंदे भारत ट्रेन में सफर का आनंद ले सकेंगे। आईआरसीटीसी के जरिए टिकट बुक कर सकेंगे।

सप्ताह में छह दिन चलेगी ट्रेन
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनें सप्ताह में छह दिन चलेंगी, जबकि मंगलवार को रखरखाव के लिए आरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में ट्रेनें श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा और श्रीनगर के बीच चलेंगी, क्योंकि जम्मूतवी स्टेशन वर्तमान में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास के अधीन है। ये ट्रेनें न केवल तेज हैं, बल्कि कश्मीर की चुनौतीपूर्ण जलवायु के लिए भी तैयार की गई हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में कटरा और श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति